दो दिन से लगातार हो रही मानसून की पहली जबरदस्त बारिश से जहां किसानों के चेहरे खिल उठे वहीं पांच ग्रामीणों के कच्चे मकान गिर गए। गांव बुड्ढाखेड़ा में पिता-पुत्र के परिवार के 11 लोग दब गए। समय रहते ग्रामीणों ने मलबे में दबे सभी लोगों को सकुशल बाहर निकाल लिया। ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग की है।
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सहारनपुर में तेज बारिश
बुधवार से शुरू हुई बारिश ने किसानों के लिए धान रोपाई में सोने पर सुहागा का काम किया है। वहीं यह बारिश कच्चे मकान वालों के लिए आफत भी साथ लेकर आई है। गांव बुड्ढाखेड़ा निवासी जानी का कच्चा मकान बारिश में भरभरा कर गिर गया, जिसके मलबे के नीचे जानी सहित उसकी दो पुत्रियां रिजवाना (8), आलिया (4), दो पुत्र रिजवान (6) एवं खुर्शीद (35) के अलावा खुर्शीद की पत्नी करीना (30) एवं उसकी दो पुत्रियां रिहाना (3), सोफिया (1) तथा खुर्शी का पुत्र जोएफ (2) दब गए।
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सहारनपुर में तेज बारिश
मकान गिरने की आवाज के साथ ही सैकड़ों ग्रामीणों ने वहां पहुंच कर आनन-फानन में मकान का मलबा हटाकर परिवार के सभी सदस्यों को सकुशल बाहर निकाल लिया। मलबे के नीचे दबने से सभी को मामूली चोटें आई हैं।
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सहारनपुर में तेज बारिश
इसके अलावा लखनौती के मोहल्ला कुरैशियान निवासी लिल्ला, बहादुर नगर निवासी जीत सिंह का मकान भी बारिश के दौरान गिर गए। यहां गनीमत ये रही कि इन मकानों में उस समय कोई मौजूद नहीं था।
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सहारनपुर में तेज बारिश
हालांकि ग्रामीणों ने बेघर हुए परिवारों को अस्थाई रूप से रहने के लिए आश्रय दे दिया है, लेकिन मकान गिरने से बेघर हुए परिवारों के लिए स्थाई आश्रय का प्रश्न खड़ा हो गया है। अब्बास चौधरी ने राजबीर सिंह, संदीप, पूर्ण सिंह, अख्तर खान, जनेश्वर प्रसाद इरसाद आदि ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
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सहारनपुर में तेज बारिश
दो दिनों से हो रही तेज बारिश से गझेड़ी से गुजर रही काली नदी खतरे के निशान से ऊपर आ गई है। नदी से सटे गांवों के लोगों की इससे धड़कने भी तेज हो गई है। बारिश ने नगर पालिका की पोल खोल दी है। मोहल्ला बड़जियाउलहक, दारुल उलूम चौक, मस्जिद रशीदिया, मोहल्ला पठानपुरा, सरसटा बाजार, हनुमान चौक, एमबीडी चौक, इंडस्ट्रीयल स्टेट, रेलवे रोड, शाहजीलाल, देवबंद गंगोह बाईपास, रविदास मार्ग आदि स्थानों पर जलभराव ने लोगों को मुश्किल में डाल दिया। निकासी नहीं होने के कारण बारिश का पानी लोगों के घरों और दुकानों में घुस गया।
सिविल कोर्ट परिसर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सीओ कार्यालय और एसडीएम कार्यालय परिसर में भी जलभराव होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई। भारी बारिश के चलते मोहल्ला टांकान स्थित प्राइमरी पाठशाला नंबर चार के जर्जर भवन की दीवार ढह गई। जबकि चंदेना कोली गांव में पत्रकार दीपक शर्मा के मकान की छत गिरने से हजारों रुपये का सामान मलबे में दब गया। वहीं, ग्रामीण इलाकों में बारिश से हालात और भी खराब हैं।
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