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सीआरपीएफ के जवान चंद्रशेखर का शव गांव पहुंचा, जमकर हंगामा, पांच साल के बेटे ने दी मुखाग्नि

Wed, 15 May 2019 03:08 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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गांव पहुंचा सीआरपीएफ के जवान का शव - फोटो : अमर उजाला
मेरठ में सरधना थाना क्षेत्र के जुल्हैड़ा गांव में सीआरपीएफ के जवान चंद्रशेखर का शव पहुंचा। परिजनों ने शव को देखा तो सिर में लगी चोट को गोली का निशान बताया। इस पर जवान की हत्या का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया।
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हंगामा करते लोग - फोटो : अमर उजाला
वहीं, सक्षम अधिकारी को बुलवाकर दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की। इस पर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राठौर ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने शव नहीं उठने दिया। बाद में एसडीएम अमित कुमार व सीओ पंकज कुमार द्वारा कार्रवाई कराने का आश्वासन देने के बाद शव उठने दिया। वहीं, गांव के श्मशान में मृतक के पांच वर्षीय बेटे गगन ने मुखाग्नि दी।
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हंगामा करते लोग - फोटो : अमर उजाला
जुल्हैड़ा गांव निवासी देवी सिंह जाटव का 35 वर्षीय पुत्र चंद्रखेशर सीआरपीएफ में तैनात था। वह लोकसभा चुनाव ड्यूटी के दौरान गोपालपुर विधानसभा गया था और चुनाव ड्यूटी के बाद रोडवेज बस द्वारा लौट रहा था। उसने पान थूकने के लिए गर्दन खिड़की से बाहर निकाली तो सिर विद्युत पोल से टकरा गया। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव मंगलवार अपराह्न करीब तीन बजे सीआरपीएफ की गाड़ी से गांव पहुंचा।

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परिजनों को समझाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
परिजनों ने ताबूत से निकले शव को देखा तो उन्होंने सिर में गोली लगने जैसा निशान बताते हुए दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग को लेकर हंगामा कर दिया। इस पर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राठौर ने उन्हें शांत करने का प्रयास किया। उन्होंने सक्षम अधिकारी को मौके पर बुलवाकर उनकी मांग पर कार्रवाई का आश्वासन नहीं मिलने तक शव को नहीं उठने देने का एलान कर दिया। हंगामे की सूचना पर एसडीएम अमित कुमार एवं सीओ पंकज कुमार मौके पर पहुंचे।
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हंगामा करते लोग - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने मृतक के परिजनों व सीआरपीएफ के जवानों से बात की और पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखी। इसके बाद उन्होंने चोट का निशान दिखाया। इस पर परिजनों ने दोबारा से पोस्टमार्टम कराने की मांग छोड़ दी। वे चंद्रशेखर की याद में शहीद द्वार निर्माण, परिजनों को पेंशन, चुनाव ड्यूटी के दौरान मौत के चलते क्लेम दिलाने की मांग करने लगे। वे मांगें पूरा नहीं होने का आश्वासन नहीं मिलने पर शव नहीं उठने देने पर अड़ गए। एसडीएम ने मांग पत्र पर शासन को भिजवाने का आश्वासन दिया।
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हंगामा करते लोग - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद परिजन शांत हुए। उन्होंने शाम करीब साढ़े छह बजे शव का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया। चंद्रखेशर के पांच वर्षीय पुत्र गगन ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। सीआरपीएफ के जवानों ने सलामी दी। इस दौरान रालोद के जिलाध्यक्ष राहुल देव, रालोद नेता राजकुमार सांगवान, विजय भारती, नितिन चांदना, सुभाष प्रधान, नरेंद्र खजूरी, राकेश कुमार, चंद्रकेतू त्यागी आदि मौजूद रहे।
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पांच साल के बेटे ने दी मुखाग्नि - फोटो : अमर उजाला
जवान की अंतिम यात्रा में उमड़ा गांव
जुल्हैड़ा निवासी सीआरपीएफ चंद्रशेखर का शव गांव पहुंचा तो उसे देखने भीड़ उमड़ पड़ी। शव को देख पत्नी रूबी, मां मूर्ति व भाई बहनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक चंद्रशेखर का पांच वर्षीय पुत्र गगन समझ नहीं पा रहा था कि आखिर क्या हुआ है। परिजनों को रोता बिलखता देख खुद भी रोने लगा। गांव के श्मशान में चंद्रशेखर के शव को उसके पांच वर्षीय पुत्र गगन ने मुखाग्नि दी। जिस पर लोगों की आंखें भर आई। मृतक चंद्रशेखर के पिता देवी सिंह भी बेटे के बिछड़ने पर आंखों से आंसू नहीं रोक सके। इस दौरान शव की अंतिम यात्रा में भारी भीड़ उमड़ी।

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