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इन पांच कुख्यातों के नाम से पश्चिमी यूपी में दहशत, हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की तरह ये भी हैं फरार

Wed, 08 Jul 2020 03:21 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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कुख्यात भूपेंद्र और बदन सिंह बद्दो, नीचे लाल घेरे में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के क्राइम रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के अलावा भी कई बड़े नाम हैं। कानपुर में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी विकास दुबे के साथ- साथ पुलिस ने एक और कुख्यात की तलाश शुरू कर दी है। यह कुख्यात पिछले 15 माह से फरार चल रहा है। पुलिस अभी तक उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई है। जबकि पुलिस ने उस पर ढाई लाख का इनाम घोषित किया हुआ है। आइए आज आपको पश्चिमी यूपी के ऐसे पांच बड़े कुख्यातों के बारे में बताते हैं, जिनके नाम से लोगों में रहती हैं दहशत-
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कुख्यात बदन सिंह बद्दो - फोटो : अमर उजाला
कौन है कुख्यात बदन सिंह बद्दो
बेरापुर टीपी नगर मेरठ निवासी बदन सिंह बद्दो के पिता चरण सिंह 1970 के दशक में जालंधर छोड़कर यूपी के मेरठ में रहने आ गए थे। बद्दो के पिता ने परिवार का जीवनयापन के लिए ट्रक ड्राइवर का काम शुरू किया था। फिर धीरे-धीरे वह खुद एक ट्रांसपोर्टर बन गए थे। वहीं सात भाइयों में सबसे छोटे बदन सिंह बद्दो ने भी ट्रांसपोर्ट के कारोबार में कदम रखा। इसी दौरान उसके संबंध इलाके के बदमाशों से हो गए। इसके बाद उसने शराब के कारोबार में भी हाथ आजमाया। बताया जाता है कि उसने 1988 में अपराध की दुनिया में कदम रखा।
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बदन सिंह बद्दो - फोटो : social media
ये की वारदात
कुख्यात बदन सिंब बद्दो ने 1996 में एक वकील की हत्या की। इसके बाद साल 2011 में उसने मेरठ जिला पंचायत के सदस्य संजय गुर्जर का कत्ल कर दिया। वहीं साल 2012 में उसने एक केबल नेटवर्क के संचालक पवित्र मैत्रे को भी मौत के घाट उतार दिया। कुख्यात बद्दो के खिलाफ यूपी समेत कई राज्यों में लूट, डकैती और हत्या के मामले दर्ज हैं। यूपी पुलिस ने उस पर एक लाख का इनाम घोषित किया तो दिल्ली पुलिस ने भी 50 हजार का इनाम रख दिया। बदन बद्दो के खिलाफ अब ढाई लाख का इनाम घोषित है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।

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कुख्यात बदन सिंह बद्दो - फोटो : फाइल
21 साल बाद हुई थी बद्दो को सजा 
मेरठ के अधिवक्ता रविंद्र गुर्जर की साल 1996 में हुई हत्या के मामले में गौतमबुद्धनगर अदालत ने बदन सिंह बद्दो को 21 साल बाद 26 अक्तूबर 2017 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बदन सिंह व उसके भाई किशन सिंह के खिलाफ रविंद्र के भाई देवेंद्र सिंह ने केस दर्ज कराया था। वारदात के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था। दोनों को जमानत मिल गई थी। केस के विचारण के दौरान किशन की मृत्यु हो गई थी। पीड़ित पक्ष की याचिका पर हाईकोर्ट ने 2015 में केस मेरठ से गौतमबुद्ध नगर अदालत ट्रांसफर करने का आदेश दिया था। इसके बाद बद्दो को सजा सुनाई गई। कुछ माह बद्दो को नोएडा से फर्रुखाबाद जेल स्थानांतरित कर दिया गया था।
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कुख्यात बदन सिंह बद्दो - फोटो : social media
ऐसा है बद्दो का रहन सहन
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर बदन सिंह बद्दो का रहन सहन देखकर कोई भी उसके शौक का अंदाजा आसानी से लगा सकता है। उसकी शानो-शौकत भरी जिंदगी देखकर कोई यकीन नहीं करेगा कि वो एक  अपराधी है। महंगी विदेशी बंदूकें, विदेशी नस्ल के कुत्ते, बुलेटप्रूफ कारों का जत्था, सीसीटीवी समेत आधुनिक सुरक्षा तंत्र, किसी महल जैसा आलीशान घर, लुई विटॉन जैसे महंगे ब्रांड के जूते और कपड़े पहनना बदन सिंह बद्दो को अन्य अपराधियों से अलग बनाता है। उसका लाइफ स्टाइल देखकर आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं कि वो एक शातिर अपराधी है।
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पुलिसकर्मियों के साथ कुख्यात सुनील राठी - फोटो : अमर उजाला
कौन है कुख्यात सुनील राठी
पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या का आरोपी और एक लाख का इनामी कुख्यात सुनील राठी इन दिनों जेल में बंद है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अपराध जगत में सुनील राठी का नाम बड़ा है। बताया जाता है कि अपने पिता की हत्या कर उसने जुर्म की दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद एक-एक करके चार लोगों को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद लोग सुनील के नाम से भी डरने लगे। उसकी मां पिछले विधानसभा चुनाव में बीएसपी के टिकट पर छपरौली विधानसभा से चुनाव भी लड़ चुकी हैं।
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कुख्यात सुनील राठी को पेशी पर ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
सुनील राठी का नाम पिछले साल तब सुर्खियों में आया था, जब उसने रुड़की शहर के एक प्रतिष्ठित डॉक्टर से पचास लाख की रंगदारी मांगी थी। बागपत जेल में बंद रहते हुए उसने डॉक्टर से अपनी मां तक इन पैसों को पहुंचाने के लिए कहा था। इसके बाद रुड़की पुलिस सुनील राठी को रिमांड पर लेकर आई थी।

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प्रतीकात्मक तस्वीर
कुख्यात उधम सिंह
कुख्यात उधम सिंह इन दिनों मेरठ जेल में बंद है। कुख्यात उधम सिंह के खिलाफ लूट, डकैती सहित कई मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। सूत्रों के मुताबिक, उधम सिंह के गैंग ने भी संजीव जीवा की तरह पश्चिमी यूपी के अलावा पूर्वांचल में भी अपने पैर जमा लिए हैं। पूर्वाचंल में भी उधम सिंह का गैंग दबदबा कायम कर रहा है। उधम सिंह ने पश्चिमी यूपी में सुशील मूंछ से टूटे शूटर भी उधम सिंह के गैंग से जुड़ रहे हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर
हिस्ट्रीशीटर योगेश भदौड़ा
बड़ौत की पूर्व ब्लाक प्रमुख अनीता बरखा के ससुर बीरबल निवासी वाजिदपुर की हत्या के केस के आरोपी हिस्ट्रीशीटर योगेश भदौड़ा भी मेरठ जेल में बंद है। सरकार द्वारा अपराधियों की लिस्ट जारी की गई जिनके खिलाफ कार्रवाई होनी है। मेरठ जनपद में इन कुख्यात उधम सिंह और योगेश भदौड़ा के नाम भी लिस्ट में शामिल हैं।

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कुख्यात भूपेंद्र बाफर - फोटो : अमर उजाला
मेरठ जेल में बंद कुख्यात योगेश भदौड़ा और उधम सिंह की बेनामी संपत्ति जब्त होगी। एसएसपी अजय कुमार साहनी का कहना है कि दोनों अपराधियों के मेरठ समेत कई जिलों में गैंग चलते हैं। उधम सिंह गैंग में शामिल कई बदमाशों को पुलिस द्वारा जेल भेजा गया है।
 
वहीं जेल में बंद कुख्यात भूपेंद्र बाफर का गैंग भी पश्चिमी यूपी के जिलों में बड़ी-बड़ी वारदातों को अंजाम देता रहा है। कुख्यात भूपेंद्र अपने गैंग के साथियों से वारदात कराता है। कुछ समय पहले भी कुख्यात भूपेंद्र बाफर ने वीडियो कॉल करके अपने गैंग को एक्टिव किया था। कुख्यात भूपेंद्र बाफर फिलहाल आजमगढ़ जेल में बंद है।
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यूपी पुलिस फाइल फोटो
अफसर गंभीर नहीं
पश्चिमी यूपी की जेलों में खून खराबे होते रहे हैं। इसके बावजूद अफसर गंभीर नहीं हैं। बागपत जेल में पहले मुन्ना बजरंगी फिर ऋषि की हत्या हुई है। नैनी जेल में कुख्यात उधम सिंह पर कई बार हमले हुए। इसके बाद जेल से भूपेंद्र की वीडियो कॉलिंग पर सवाल उठे थे।



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