फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: पंचायत चुनाव में हथियारों की बड़ी डिमांड, पुलिस ने मारा छापा, भारी मात्रा में असलहा बरामद, देखें तस्वीरें

Sat, 27 Mar 2021 07:47 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
विज्ञापन
1 of 5
तमंचा फैक्टरी का भंडाफोड़। - फोटो : amar ujala
पंचायत चुनाव में तमंचे और पिस्टल की डिमांड भी लगातार बढ़ रही है। इसलिए पश्चिमी यूपी में हथियारों की सप्लाई हो रही है। वहीं मेरठ में हथियार बनाने का काम तेजी से चल रहा था। इसी सूचना पर पुलिस ने छापा मारकर तमंचे और पिस्टल बनाने वालों का भंडाफोड़ किया है। बताया गया है कि 250 तमंचे व 50 पिस्टलों का ऑर्डर आरोपियों के पास आया हुआ था। 
विज्ञापन

2 of 5
अवैध असलहा बरामद। - फोटो : amar ujala
मेरठ में लिसाड़ी गेट, कोतवाली, टीपीनगर, किठौर, सरूरपुर, मवाना, हस्तिनापुर व परीक्षितगढ़ सहित कई जगहों पर अवैध हथियार बनाने का काम चल रहा है। मेरठ की पुलिस ने कई बार अवैध हथियार बनाने वालों का भंडाफोड़ किया है। इसके बावजूद भी मेरठ में हथियार बनने बंद नहीं हुए। अब आलम यह है कि मेरठ में अवैध हथियार बनते हैं और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में यहां से अवैध हथियार सप्लाई होते हैं। 
विज्ञापन

3 of 5
अवैध असलहा बरामद। - फोटो : amar ujala
पंचायत चुनाव में अवैध हथियार की डिमांड सबसे ज्यादा बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली में बताई गई है। एसटीएफ और मेरठ पुलिस ने अब टीपी नगर क्षेत्र के मलियाना और दिल्ली रोड स्थित शॉप्रिक्स मॉल के पीछे से एक मकान में छापा मार कर काफी संख्या में तमंचे और पिस्टल बरामद किए हैं। पुलिस का दावा कि 250 तमंचे और 50 पिस्टल का ऑर्डर आरोपियों के पास था, जोकि होली पर जाना था। 

4 of 5
अवैध असलहा बरामद। - फोटो : amar ujala
अब तक यहां पकड़े गए अवैध हथियार
लिसाड़ी गेट, किठौर, मवाना, परीक्षितगढ़, रोहटा और सरूरपुर इलाके में अवैध हथियार बनाने की फैक्टरी कई बार पकड़ी गई। फिलहाल लिसाड़ी गेट में अवैध हथियार बनाने का काम सबसे ज्यादा चल रहा। जहां तीन बार दिल्ली पुलिस ने छापा मारकर भारी संख्या में पिस्टल तमंचे बरामद किए हैं और आरोपी भी पकड़े हैं। बताया गया कि जेल से छूटते आरोपी फिर अवैध हथियार बनाने का काम शुरू कर देते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
छापामारी के दौरान अवैध हथियार बरामद। - फोटो : amar ujala
कारीगर पकड़े जाते, सरगना नहीं
पुलिस अवैध हथियार बनाने वाले कारीगर को पकड़ कर जेल भेज देती, लेकिन इस धंधे को चलाने वाले सरगना तक पुलिस नहीं पहुंच पाती। जिसके चलते वह फिर दूसरे कारीगर से अवैध हथियार बनाने शुरू करवा देता है। अब तो मुंगेर से भी मेरठ में कारीगरों को लाकर अवैध हथियार बनाने का काम चलता है। मुंगेर के कई कारीगरों ने मेरठ के कई लोगों को तमंचे पिस्टल बनाने भी सीखा दिए।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें