मदरसों, जलसों और धार्मिक कार्यक्रमों की आड़ में मौलाना कलीम सिद्दीकी धर्मांतरण का खेल भी खेल रहे थे। यूट्यूब पर मौलाना कलीम के करीब दो लाख फॉलोअर्स हैं। करोड़ों की फंडिंग मौलाना के ट्रस्ट में होने लगी तो, तीन माह पहले सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई। मौलाना की यूट्यूब और फेसबुक पर 100 से ज्यादा वीडियो की जांच की गई। उधर, इस्लामिक विद्वान मौलाना कलीम सिद्दीकी के मंसूबों की जांच के लिए एटीएस और एनआईए ने वेस्ट यूपी में डेरा डाल दिया है।
गाजियाबाद के डासना में देवी मंदिर में चार माह पहले साधु पर हमला हुआ था। पुलिस ने जांच पड़ताल की, जिसमें पता चला कि गैर मुस्लिम लोगों के धर्मांतरण करने के लिए एक बड़ा गैंग काम कर रहा है। इसका पता लगते ही सुरक्षा एजेंसी अलर्ट हो र्गइं। एटीएस ने मौलाना उमर गौतम को गिरफ्तार किया, जिसका ट्रस्ट चलता था। उस ट्रस्ट में धर्मांतरण कराने के लिए विदेशों से फंडिंग होनी की पुष्टि हुई थी। तभी मुजफ्फरनगर के फुलत निवासी मौलाना कलीम सिद्दीकी सुरक्षा एजेंसियों के टारगेट पर आए थे। मौलाना के खिलाफ एक के बाद एक सबूत एटीएस को मिलने लगे। जांच में पता चला कि इबादत की पाठ पढ़ाने की आड़ में मौलाना लोगों का धर्मांतरण कराने में लगे हैं।