उत्तर प्रदेश में यूपी एटीएस द्वारा पकड़े गए मौलाना कलीम सिद्दीकी की प्रारंभिक शिक्षा फुलत गांव के एक मदरसे में हुई। इसके बाद उसने पिकेट इंटर कॉलेज खतौली से विज्ञान वर्ग में इंटरमीडिएट किया। इसके बाद मौलाना ने मेरठ कॉलेज, मेरठ से बीएससी पास की। यही नहीं मौलाना कलीम ने प्री मेडिकल टेस्ट में 57वीं रैंक हासिल की, लेकिन एमबीबीएस में प्रवेश नहीं लिया। मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिनती क्षेत्र के इस्लामिक विद्वानों में होती है।
बता दें कि देश-विदेश में धार्मिक कार्यक्रमों में उनको बुलाया जाता है। फुलत समेत कई जगह पर उनके नाम से मदरसे चलते हैं। सवाल है कि आखिर किन संदिग्ध गतिविधियों में उनकी भूमिका है। सुरक्षा एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि मौलाना कलीम का पश्चिमी यूपी में बड़ा नेटवर्क है। यही नहीं धर्मांतरण कराने के लिए विदेश तक मौलाना के कनेक्शन थे। विदेश से धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के लिए करोड़ों रुपये की फंडिग होती थी। मौलाना के ट्रस्ट में 1.50 करोड़ की रकम एकमुश्त आई है।
बताया गया कि मौलाना का मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर और बिजनौर समेत कई जिलों में नेटवर्क फैला है, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियों ने पश्चिमी यूपी में डेरा डाल लिया है। एजेंसियां पता लगाने में लगी है कि मौलाना के गिरोह में कौन-कौन शामिल हैं। धर्मांतरण व विदेश से होने वाली फंडिंग के रुपये किस-किसके पास गया है, इसकी छानबीन की जा रही है।