देश में 25 मार्च से लॉकडाउन लागू हुआ। कामकाज बंद रहे, लोग घरों में रहे और समय का सदुपयोग रचनात्मक कार्यों में किया। कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने खाली दिमाग शैतान का घर वाली कहावत को चरितार्थ किया। 56 दिन के इस लॉकडाउन में मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर, शामली, बागपत और मुजफ्फरनगर में 54 कत्ल हो चुके हैं। कहीं खेत की डोल काटने के विवाद पर तो कहीं कुत्ता घुमाने के विरोध पर ही हत्या कर दी गई। रिश्तों का भी खून हुआ, कहीं बेटे ने पिता की हत्या की तो कहीं पिता ने पुत्र को मार डाला। छोटी-छोटी बातों पर लोगों का खून खौल रहा है और वह बात बेबात लोगों की जान ले रहे हैं। मनोवैज्ञानिकों का भी मानना है कि खालीपन में गुसैल स्वभाव और चिड़चिड़ापन ऐसी वारदात का मुख्य कारण रहा।