सहारनपुर जनपद में देवबंद के भाजपा सभासद एवं त्रिवेणी शुगर मिल में गन्ना अधिकारी धारा सिंह की हत्या को आरोपियों ने पूरे फिल्मी अंदाज में अंजाम दिया। फिल्म दृश्यम को देखकर बचने की तरकीब भी तलाशने की कोशिश की। इस कारण अपनी लोकेशन लगातार बदलते रहे, ताकि सर्विलांस को भ्रमित किया जा सके। सीसीटीवी फुटेज न मिलती तो हत्याकांड का खुलासा हो पाना और मुश्किल हो जाता। अगली स्लाइडों में जानिए पूरा अपडेट-
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एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार और एसएसपी सहारनपुर दिनेश कुमार पी
- फोटो : अमर उजाला
पूछताछ में हत्यारोपी कंवरपाल और रविंद्र ने बताया कि वे दोनों नौ अक्तूबर को देवबंद पहुंचे थे। वहां से कंवरपाल अपनी ससुराल गया। 10 अक्तूबर को सुबह से दोनों ने धारा सिंह की रेकी करनी शुरू की। उसके बाद दोनों अपने गांव मथुरा चले गए। नौ और दस अक्तूबर को दोनों की लोकेशन देवबंद की ही रही। इसके बाद हत्यारोपी 12 अक्तूबर को सुबह ही बाइक से देवबंद पहुंचे और रणखंडी फाटक के निकट स्पेयर पार्ट्स की दुकान पर खड़े होकर धारा सिंह का इंतजार करने लगे। दिखावे के लिए बाइक में छोटी-मोटी मरम्मत कराने लगे। जैसे ही धारा सिंह आए, उनकी हत्या कर दी और वापस अपने गांव मथुरा चले गए। गांव पहुंचने के बाद कंवरपाल अपनी पत्नी को लेकर देवबंद के गांव रणखंडी स्थित अपनी ससुराल पहुंच गया। वहां रात को रुकने के बाद पत्नी की बीमार नानी को देखने के बहाने पास के ही गांव चला गया। वहां से लौटकर फिर एक रात रणखंडी में रुका और वहां से फिर अपने गांव चला गया। इससे लगातार उसकी लोकेशन बदलती रही।
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विलाप करते परिजन व मौके पर मौजूद परिजन
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद दोनों हत्यारोपी अपने गांव में रहते रहे, लेकिन वे पुलिस की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए थे। लेकिन जैसे ही पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जारी की, दोनों फरार हो गए।
मौके पर मौजूद पुलिस व विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
पहले चोरी की तलाशी, फिर कबाड़ी से खरीदी बाइक
हत्यारोपियों ने पहले तो चोरी की बाइक तलाश की। जब नहीं मिली, तो एक कबाड़ी से संपर्क कर पुरानी बाइक खरीदी, जिससे वारदात को अंजाम दिया।
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भाजपा नेता धारासिंह के पीछे जाते सीसीटीवी में कैद हुए बदमाश
- फोटो : अमर उजाला
पेट्रोल भी बोतल में भरवाया
आरोपियों ने हत्याकांड को अंजाम देने में पूरी सावधानी बरती। कबाड़ी से बाइक खरीदकर उसे कभी पेट्रोल पंप पर नहीं ले गए। बोतल में ही पेट्रोल पंप से पेट्रोल भरवाकर बाइक में डालते रहे। जिससे पंप पर लगे सीसीटीवी में बाइक की फुटेज न आ सके।
स्पेयर पार्ट्स की दुकान में लगा सीसीटीवी नहीं आया नजर
दोनों आरोपी स्पेयर पार्ट्स की दुकान पर काफी देर खड़े रहे। उन्हें यह नहीं पता चला कि दुकान के पास ही सीसीटीवी लगा हुआ है। बस यहीं दोनों चूक गए और पकड़े गए।
कंवरपाल ने 13 साल की उम्र में की थी चोरी
एडीजी ने बताया कि 13 साल की उम्र में ही कंवरपाल चोरी के आरोप में पकड़ा गया था। दोनों का इतिहास खंगाला गया, तो यह बात सामने आई। अभी भी इनके बारे में जांच जारी है।
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