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आखिर खत्म हुआ खौफ: कुख्यात मुकीम काला ने की थीं ये बड़ी वारदातें, मुठभेड़ में ढेर हो चुके उसके कई साथी, पढ़िए पूरा क्राइम रिकॉर्ड

Fri, 14 May 2021 02:21 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आनंद प्रकाश, सहारनपुर

सार

बात 2015 की है, जब कुख्यात मुकीम काला गैंग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा हरियाणा और पंजाब तक वारदात कर दहशत पैदा कर दी थी।
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मुकीम काला और चित्रकूट जेल का फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
बात 2015 की है, जब कुख्यात मुकीम काला गैंग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा हरियाणा और पंजाब तक वारदात कर दहशत पैदा कर दी थी। सहारनपुर के तनिष्क ज्वेलरी शोरूम में डकैती, सिपाही राहुल ढाका की हत्या और कैराना (शामली) में व्यापारियों से रंगदारी मांगने व हत्या करने के बाद मुकीम काला गैंग पुलिस के रडार पर आ गया। गैंग में 20 से ज्यादा बदमाश हैं, जिनमें कई बदमाश पुलिस मुठभेड़ों में ढेर हुए तो, कई जेलों में बंद हैं। 

मुकीम काला गैंग ने 15 फरवरी 2015 को सहारनपुर के तनिष्क ज्वेलरी शोरूम में डकैती डाली थी, जबकि उसी दरमियान तीतरो में दो सगे भाइयों की हत्या और सहारनपुर शहर में सिपाही राहुल ढाका की हत्या कर दी थी। बाद में 20 अक्तूबर 2015 को एसटीएफ ने मुकीम काला और उसके शार्प शूटर साबिर जंधेड़ी को गिरफ्तार किया। साबिर जंधेड़ी बाद में बाराबंकी जेल से न्यायालय ले जाते समय पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। इस दौरान मुकीम काला और इसके गिरोह के बदमाशों को कुछ राजनीतिक लोगों का संरक्षण भी मिल रहा था, जिस कारण इस गैंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हो रही थी।
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मुकीम काला - फोटो : amar ujala
इसके बाद 2017 में प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ और भाजपा की सरकार बन गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बदमाशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश दिया तो मुकीम काला गैंग के खिलाफ कार्रवाई का अभियान चला। पुलिस भी टूट पड़ी और अनेक मुठभेड़ हुईं, जिनमें इस गैंग के कई बदमाश ढेर हुए तो कई गोली लगने से घायल हुए। 
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चित्रकूट जेल। - फोटो : amar ujala
यह बदमाश मारे गए
मुकीम गैंग के शार्प शूटर एक लाख के इनामी साबिर जंधेड़ी को दो जनवरी 2018 की रात पुलिस ने कैराना क्षेत्र के गांव जंधेड़ी में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया था। इस मुठभेड़ में सिपाही अंकित तोमर भी शहीद हो गया था। फिर तीन फरवरी 2018 को शामली जिले के झिंझाना क्षेत्र में पुलिस ने मुठभेड़ में इसी गैंग के अकबर को ढेर किया। मुकीम काला के भाई 50 हजार के इनामी वसीम को मेरठ में पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था, जबकि एक अन्य बदमाश मोटा भी मुठभेड़ में ढेर हुआ। फुरकान सहित छह से ज्यादा बदमाशों को पुलिस ने मुठभेड़ में गोली लगने पर गिरफ्तार किया।

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चित्रकूट जेल। - फोटो : amar ujala
गैंग में 20 से ज्यादा बदमाश
गैंग का लीडर मुकीम काला निवासी जहानपुरा थाना कैराना (शामली) था। गैंग में अरशद निवासी बाढ़ी माजरा थाना गंगोह, साबिर पुत्र रूकम निवासी तिगरी थाना नकुड़, साबिर निवासी जंधेड़ी थाना कैराना, रिजवान निवासी जहानपुरा थाना कैराना, काला उर्फ वाजिद निवासी जंधेड़ी थाना कैराना, सादर निवासी मोहल्ला शेखजादगान तीतरो, हैदर निवासी शेखजादगान तीतरो, महताब निवासी बलवा थाना शामली, नीरज निवासी लांक थाना फुगाना, फरमान निवासी गांव भूरा कैराना, अकबर निवासी बरनावी थाना कैराना, हारून निवासी बरनावी थाना कैराना, आसिफ निवासी खंद्रावली थाना कांधला, मुनशाद निवासी खंद्रावली थाना कांधला, हारुन निवासी हाजीपुर थाना गंगोह और अजरू निवासी हाजीपुर थाना गंगोह आदि शामिल रहे हैं।
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चित्रकूट जेल। - फोटो : amar ujala
अनिल दुजाना गैंग से खरीदी थी एके-47
अक्तूबर 2015 को जब एसटीएफ ने मुकीम काला और साबिर जंधेड़ी को गिरफ्तार किया, तब खुलासा हुआ था कि मुकीम काला गैंग ने गौतमबुद्धनगर के शातिर बदमाश अनिल दुजाना गैंग से हाथ मिला लिया और एके-47 खरीदना तय हुआ था। तब मुकीम काला गैंग आठ लोगों की हत्या करने की फिराक में था।

मुकीम एक समय में सहारनपुर के कुख्यात बदमाश मुस्तफा उर्फ कग्गा के गैंग से जुड़कर आपराधिक वारदात करता था। मुस्तफा उर्फ कग्गा के एनकाउंटर में मारे जाने पर मुकीम ने खुद का गैंग खड़ा कर लिया था।
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चित्रकूट जेल। - फोटो : amar ujala
ऐसे मारा गया
चित्रकूट जिला जेल रगौली में बंदी अंशुल दीक्षित ने फायरिंग कर मेराजुद्दीन और मुकीम काला की हत्या कर दी। मुकीम काला पश्चिम उत्तर प्रदेश का बड़ा बदमाश था। वहीं पुलिस कार्रवाई में अंशुल दीक्षित भी मारा गया। जेल के अंदर फायरिंग से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। आईजी के सत्यनारायण, डीएम सुभ्रान्त कुमार शुक्ला, एसपी अंकित मित्तल, जेल अधीक्षक प्रकाश त्रिपाठी समेत भारी फोर्स मौके पर मौजूद है। 

बता दें कि मुकीम पर हत्या, लूट, रंगदारी, अपहरण, फिरौती जैसे 35 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे। कभी चिनाई मिस्त्री रहे मुकीम की गिनती हार्डकोर क्रिमिनल के रूप में होती थी।
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