capt. hitesh kumar
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कारगिल युद्ध के दौरान लांस नायक वचन सिंह तोलोलिंग की चोटी पर 13 जून, 1999 को शहीद हो गए, तब कामेश बाला के बेटों की उम्र करीब साढ़े पांच साल की थी। जिंदगी की बेहद मुश्किल घड़ी में उन्होंने हौसला बटोरा। लांस नायक पति की यादों को ताकत बनाया और बेटों को सेना के लिए तैयार करने की ठानी।
दो साल पहले 9 जून, 2018 में हितेश को कमीशन मिला और वे लेफ्टिनेंट बने। बीते माह उन्हें कैप्टन पद मिला है। गत वर्ष दिल्ली में कारगिल विजय दिवस पर शहीद वचन सिंह की पत्नी कामेश बाला अपने पुत्र हितेश कुमार के साथ मंच पर पहुंची तो उनके त्याग और संकल्प को सुनकर पीएम नरेंद्र मोदी तथा तत्कालीन थल सेनाध्यक्ष विपिन चंद्र रावत भी भावुक हो गए थे। हितेश के बाद अब उनकी इच्छा हेमंत को फौज में अफसर देखने की है। हेमंत भी स्नातक कर चुका है और सीडीएस के जरिये कामयाबी में जुटा है।