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मेरठ पुलिस के जज्बे को हर कोई कर रहा सलाम, गरीब और असहायों के लिए खाना पकाने से लेकर मास्क बनाने में जुटीं महिला कांस्टेबल

Thu, 02 Apr 2020 07:58 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ पुलिस - फोटो : amar ujala
वक्त का तकाजा कहें या लाॅकडाउन की मजबूरी कि ऐसे मुश्किल वक्त में लोगों की मदद के लिए पुलिस आगे आई है। मेरठ में शहर से लेकर देहात के थानों तक में महिला पुलिसकर्मी गरीब और असहायों के लिए खाना बना रही हैं।

वहीं, अन्य पुलिसकर्मी सुबह से शाम तक खाना वितरण करने पर लगे हैं। यही नहीं, महिला पुलिसकर्मी दिन-रात मेहनत कर मास्क बना रही हैं, ताकि कोरोना वायरस से बचाव के लिए लोगों को मास्क मुहैया कराए जा सकें। 
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मेरठ पुलिस - फोटो : amar ujala
पुलिस यूं तो डंडा चलाने के लिए जानी जाती है, लेकिन देश जब कोरोना वायरस जैसी महामारी से गुजर रहा है।  ऐसे में पुलिस का एक अलग ही रूप सामने आ रहा है। 24 घंटे अलर्ट रहकर सेवा करने वाली पुलिस इस समय किसी दबाव में श्रमदान नहीं कर रही, बल्कि वह अपनी मर्जी से लोगों की सहायता के लिए आगे आ रही है। 

मेरठ के पुलिस लाइन में इसकी बानगी देखने को मिल रही है। जहां महिला और पुरुष पुलिसकर्मी दोनों ही गरीबों की मदद को खाना बनाने, बांटने से लेकर मास्क बनाने तक का काम कर रहे हैं। थाना प्रभारी अलग-अलग क्षेत्रों में खाने के निशुल्क पैकेट बंटवा रहे हैं। वहीं थाने और पुलिस लाइन में सुबह से शाम तक महिला कांस्टेबल रोटी बेल रही हैं। 
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मेरठ पुलिस - फोटो : amar ujala
नौचंदी थाने में तैनात कांस्टेबल मीनू बताती हैं कि वह पिछले पांच दिन से थाने में सब्जी काटने से लेकर रोटी बनाने के काम में हाथ बंटा रही हैं। अधिकारियों के दबाव में पुलिसकर्मी यह काम नहीं कर रहे, बल्कि कोई भी गरीब व असहाय व्यक्ति सड़क पर भूख-प्यास से परेशान न हो, इस सेवा भाव से सभी यह काम कर रहे है।

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मेरठ पुलिस - फोटो : amar ujala
पुलिस लाइन में इन दिनों 20 से अधिक महिला कांस्टेबल रोटियां बेल रहीं हैं। जिनमे बीना, गीता, मनीषा, सरिता और अन्य कांस्टेबल शामिल हैं। खाना बनाने के लिए अलग से फॉलोअर भी लगाए गए हैं। लेकिन कांस्टेबल सुबह से शाम तक खाना बना रही हैं।

मनीषा और सरिता का कहना है की समाज की सेवा के लिए ही वर्दी पहनी है। ऐसे माहौल में जब गरीबों को समय से खाना नहीं मिल रहा है। उनकी सेवा करने का यह मौका उन्हें मिला है, जिसमें वह हरसंभव सहयोग कर रहीं हैं।  
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मेरठ पुलिस - फोटो : amar ujala
ऑफिसों से भी आगे आईं कांस्टेबल 
एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह का कहना है कि पुलिस लाइन, परिवार परामर्श केंद्र, महिला थाना, पुलिस ऑफिस, एसपी सिटी ऑफिस और अन्य शाखा में जो भी महिला कांस्टेबल हैं वह खुद आकर श्रमदान कर रही हैं। अलग-अलग थानों और पुलिस लाइन में 50 से अधिक महिला कांस्टेबल हैं, जो श्रमदान कर रही हैं। 
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मेरठ पुलिस - फोटो : amar ujala
20 हजार से अधिक लोगों का खाना 
एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि सभी 30 थानों के अलावा कुछ पुलिस चौकियों पर भी यह व्यवस्था की गई है, जहां पुलिस खाना तैयार कर भूखे और गरीब लोगों को सुबह और शाम खाना खिला रही है। इसके अलावा पुलिस लाइन में करीब एक हजार लोगों का खाना तैयार किया जा रहा है।

पुलिस के इस सराहनीय कदम की जहां हर तरफ तारीफ हो रही हैं। वहीं बड़ी संख्या में लोगों को खाना भी मुहैया हो रहा है।
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मेरठ पुलिस - फोटो : amar ujala
मास्क बना रही पुलिसकर्मी
पुलिस लाइन में ही तकरीबन बीस से ज्यादा महिला पुलिसकर्मी दिन-रात सिलाई कर मास्क बना रही हैं ताकि कोरोना से बचाव के लिए लोगों तक मास्क पहुंचाए जा सकें।

इनमें कुछ मृतक आश्रित महिला पुलिसकर्मी और टेलर मास्टर भी शामिल हैं। पुलिस लाइन के बड़े हाॅल में उचित दूरी पर सिलाई मशीनों के  साथ बैठी ये महिला पुलिसकर्मी दिन में पांचसौ से ज्यादा मास्क बना रही हैं।
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मेरठ पुलिस - फोटो : amar ujala
पुलिस लाइन में ही उपलब्ध हो रहा राशन
लाॅकडाउन के दौरान जहां लोगों के बाहर निकलने पर मनाही है। वहीं पुलिस अधिकारियों ने राशन से लेकर दूध और सब्जी की पुलिस लाइन के भीतर ही स्टाॅल लगाकर व्यवस्था कराई है।

पुलिस लाइन के गेट पर लगे इन स्टाॅल पर पुलिस के पारिवारिक सदस्य आकर ताजा सब्जियां और दूध आदि ले जाते हैं। सभी जरूरत का सामान प्रशासन द्वारा तय रेट पर ही मिल रहे हैं। 
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