मेडिकल कॉलेज में तड़प रहे मरीज।
- फोटो : amar ujala
मेरठ में अब मृतकों के शवों को उठाने वाला भी कोई नहीं है। पड़ोसी तो दूर परिवार के लोग भी मदद के लिए सामने नहीं आ रहे हैं। न्यू देवपुरी में विद्युत उपकरणों के व्यापारी की मौत के आठ घंटे बाद भी शव घर में ही पड़ा रहा। सामाजिक संगठन ने आगे आकर मदद का प्रयास किया, लेकिन दो लोग शव को ले जाने में असमर्थ थे। पड़ोसियों से मदद की गुहार लगाई गई, लेकिन कोई मदद के लिए नहीं आया। करीब आधा किलोमीटर पीपीई किट की बजाय चादर में लपेटकर एंबुलेंस तक शव पहुंचाया गया। इसके बाद संस्कार हो पाया।