बदर अख्तर व आशा नेगी का फाइल फोटो
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युवती के भाई का कहना है कि 'मैंने अपनी बहन को कभी डरते नहीं देखा था, लेकिन मेरी मां ने बताया कि उस दिन वह खौफ में थी। उसकी आवाज कांप रही थी। अगर वो जिंदा है, तो हम उसे ढूंढ़ निकालेंगे। अगर नहीं है, तो सच जानना हमारा हक है।'
बता दें कि जैसे-जैसे छांगुर बाबा केस की परतें खुल रही हैं, वैसे ही धर्मांतरण मामले की जड़ें और गहरी होती जा रही हैं।