ये स्लोगन गंगा तट के गांवों में लिखे गए हैं।
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‘नदी नहीं संस्कार है, गंगा देश का शृंगार है’। ‘गंगा मां की यही पुकार, मेरा जीवन हो लाखों बार’। ‘गंगा बचाओ, जीवन बचाओ’। ‘गंगा का सम्मान, माता का सम्मान’। ‘गंगा एक, महात्म्य अनेक’। ‘युगों युगों से नाता है, गंगा हमारी माता है’। ‘हर हर गंगे, नमामि गंगे’। जैसे तमाम स्लोगन गंगा तट के गांवों में लिखे गए हैं।