प्रदर्शन करते छात्र
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इस मुठभेड़ को तमाम भाजपा नेताओं के साथ दक्षिण विधायक डॉ. सोमेंद्र तोमर ने भी फर्जी करार दिया। बात शासन तक पहुंची तो वहां से इस मामले को लेकर हलचल रही। इस बीच शनिवार को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, बासित अली और परिवार के लोग आईजी आलोक सिंह से मिले। सभी ने मुठभेड़ पर सवाल उठाते पूरे मामले की किसी दूसरे जनपद के उच्च अधिकारी से जांच कराने के साथ एसएसपी, एसपी सिटी, इंस्पेक्टर मेडिकल और इंस्पेक्टर सिविल लाइन पर कार्रवाई की मांग की।