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बैंक में जमा होती थी लूट की रकम, ऐसे दो नंबर के पैसे को व्हाइट मनी में बदलता था गाजियाबाद का सीए

Fri, 04 Oct 2019 11:22 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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पकड़े गए बदमाश - फोटो : अमर उजाला
मेरठ के लुटेरा गैंग के सरगना शरद गोस्वामी की करोड़ों की काली कमाई को गाजियाबाद का चार्टर्ड अकाउंटेंट बैंकों में खपाता था। इसके एवज में सीए मोटा पैसा लेता था।

यह सीए विदेशों के बैंकों में खाते खुलवाने और फिर दो नंबर का पैसा एक नंबर में करके शरद व उसकी पत्नी प्रियंका, मां सुमन के स्थानीय बैंक खाते में ट्रांसफर कराता था। सीए इस काली कमाई को कैसे मैनेज करता था, इसका खुलासा उसकी गिरफ्तारी के बाद होगा। 
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पकड़े गए बदमाश - फोटो : अमर उजाला
पुलिस के मुताबिक केनरा बैंक में शरद गोस्वामी के दो, उसकी पत्नी प्रियंका और मां सुमन का एक-एक खाता मिला है। जिसमें सिर्फ 15 महीने का रिकॉर्ड मिला है। इसके अलावा भी शरद के पांच बैंकों में खाते होने बताए गए हैं, जोकि करीब पांच साल से चल रहे हैं।

शरद के विदेशों के बैंकों में करोड़ों रुपये जमा होने बताए गए। चौंकाने वाली बात है कि वह प्रोफेशनल तरीके से कंपनी बनाकर अंतर्राष्ट्रीय गैंग चलाता था और सारा लेनदेन बैंकों के जरिये करता था। लेकिन इसका खुलासा पांच साल बाद हुआ।
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वारदात का खुलासा करते एडीजी प्रशांत कुमार - फोटो : अमर उजाला
पूरे ग्रुप के खाते खुलवाए
आखिर इस काली कमाई को शरद कैसे सफेद करता था, पुलिस ने इस महत्वपूर्ण तथ्य की बारीकी से जांच की तो गाजियाबाद में रहने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट का नाम सामने आया। पुलिस के मुताबिक यही सीए शरद और उसके पूरे गैंग का आर्थिक सहयोगी था।

विदेशों के बैंकों में खाते खुलवाकर शरद की कंपनी में रकम दर्शाकर भारत के बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराता था। उसने शरद और उसकी पत्नी व मां के अलावा शरद के ग्रुप से जुड़े उसके कई दोस्तों और पुलिस वालों के खाते भी खुलवाए थे, जिनमें काफी रकम का आदान प्रदान होता था। 

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वारदात का खुलासा करते एडीजी प्रशांत कुमार - फोटो : अमर उजाला
शरद कर रहा सीए का बचाव
शरद ने पूछताछ में गाजियाबाद के सीए का नाम बताया। पुलिस गाजियाबाद में सीए के पास पहुंचती, इससे पहले ही वह फरार हो गया। सीए का परिवार गाजियाबाद में रहता है। 

करोड़ों रुपये की काली कमाई को सफेद करने वाले सीए के कहां-कहां ठिकाने हैं, शरद को इसका जरूर पता होगा। पुलिस रिमांड पर उससे सारे राज उगलवाएगी।
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पुलिस द्वारा पकड़े गए मोबाइल - फोटो : अमर उजाला
3.35 करोड़ उजागर, अभी और होंगे 
शरद के चार बैंक खातों में तीन करोड़ 34 लाख 68 हजार 974 रुपये का लेनदेन मिला है। जबकि अन्य पांच साल में लेनदेन का खुलासा अभी होना बाकी है। पुलिस की जांच में शरद के पांच खाते और सामने आए हैं, जिसमें करोड़ों का लेनदेन होना बताया गया।

पुलिस ने इन बैंकों से जानकारी मांगी है। पुलिस का दावा कि साल 2014 से शरद का गैंग देशभर में फैला है। लूट और चोरी के सारे मोबाइल शरद के पास ही आते थे, जिनको वह 100 मोबाइलों के पैकेट बनाकर विदेशों में भेजता था। 
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