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बहुत महंगे थे बसपा नेता के शौक... मर्डर से पसर गया गांव में सन्नाटा, देखिए तस्वीरें

Tue, 04 Sep 2018 10:28 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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दिलशाद खान की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बसपा नेता और जिला पंचायत सदस्य दिलशाद खान की हत्या को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं पार्किंग विवाद को लेकर भी हत्या होना बताया जा रहा है। दिलशाद के काफी महंगे शौक थे। उसके पास फॉरच्यूनर कार के अलावा और कई महंगी कारें हैं। उधर, हत्या की खबर सुनते ही गांव में सन्नाटा पसर गया। आगे देखिए दिलशाद की तस्वीरें...
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दिलशाद खान की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि दिलशाद के पास कई महंगी कारों के अलावा बुलेट समेत कई बाइक भी हैं। सोमवार शाम हत्या से कुछ देर पहले दिलशाद को सीसीटीवी फुटेज में अपनी बुलेट बाइक लेकर जाते हुए देखा गया। कुछ ही देर बाद वह घर वापस भी आ गया। इसके बाद करीब 6:00 बजे उसकी गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई।
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दिलशाद खान की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
वहीं गांव में चर्चा है कि दिलशाद का दिल्ली में ही पार्किंग को लेकर कुछ लोगों से लगभग तीन माह पहले विवाद हुआ था। जिसमें दिलशाद, उसके भतीजे साकिब, भांजे तालिब व दोस्त रिजवान को जेल जाना पड़ा था। तभी से सभी जेल में थे।

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दिलशाद खान की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
दिलशाद के भतीजे वसीम ने बताया कि दिलशाद आठ दिन पूर्व ही जमानत पर आए थे। सोमवार को उनकी हत्या कर दी गई। हालांकि परिजन अभी इस मामले में कुछ बोलने को तैयार नहीं है। लेकिन माना जा रहा है कि कहीं पार्किंग विवाद में तो उनकी हत्या नहीं हुई। फिलहाल दिल्ली पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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bsp leader dilshad - फोटो : अमर उजाला
पहली बार लड़ा था चुनाव 
वसीम ने बताया कि उसके चाचा दिलशाद ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव पहली बार लड़ा था। बसपा से वार्ड नंबर 34 से चुनाव लड़े दिलशाद ने पहले ही प्रयास में जीत हासिल की थी।
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bsp leader dilshad - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में बताए जा रहे मुकदमे
दबंग प्रवृत्ति के दिलशाद को शान शौकत से जिंदगी जीने की आदत थी। प्रॉपर्टी के धंधे में उसने अच्छा पैसा कमाया तो उसके दुश्मन भी बने। इस दौरान उस पर हत्या और लूट आदि के मुकदमे भी दर्ज होना बताया गया। हत्या के पीछे भी दिलशाद के करीबी पैसों के लेनदेन और प्रॉपर्टी संबंधी विवाद को ही मानकर चल रहे हैं।
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bsp leader dilshad - फोटो : अमर उजाला
सात साल में दूसरे जिला पंचायत सदस्य की हत्या 
दिलशाद से पहले एक और जिला पंचायत सदस्य की भी प्रॉपर्टी के विवाद में हत्या हो चुकी है। 23 सितंबर 2011 को बसपा से जिला पंचायत सदस्य संजय गुर्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। संजय गुर्जर भी पूर्व विधायक योगेश वर्मा का करीबी माना जाता था और उस समय जिला पंचायत अध्यक्ष के पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा था।

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bsp leader dilshad - फोटो : अमर उजाला
जिपं सदस्य की हत्या से सठला में सन्नाटा  
बसपा से जिला पंचायत सदस्य दिलशाद की दिल्ली में हत्या होने की जानकारी लगते ही मवाना के सठला गांव में सन्नाटा पसर गया। दिलशाद मूलरूप से सठला गांव का निवासी था। ग्रामीण परिजनों को सांत्वना देने पहुंच रहे थे। जानकारी के अनुसार दिलशाद पुत्र अब्दुला खां फिलहाल परिवार के साथ दिल्ली के ओखला में रह रहा था। पिता की मौत हो चुकी है। दिलशाद छह बहनों में अकेला भाई था। दिलशाद के रिश्ते के भतीजे वसीम ने बताया कि दिलशाद की पत्नी रिजवाना व बेटी मरियम, बेटा उमर व अंबार भी साथ रह रहे थे। वसीम के अनुसार निकटतम परिजन हत्या की जानकारी मिलते ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

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bsp leader dilshad - फोटो : अमर उजाला
नवाजिश बोले, मैंने पहुंचाया अस्पताल  
जिला पंचायत सदस्य दिलशाद खान पर जिस समय हमला हुआ, उस समय जामिया नगर ओखला में ही एक निकाह समारोह में पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर के बेटे और जिला पंचायत सदस्य नवाजिश मंजूर मौजूद थे। सूचना पाकर नवाजिश तुरंत मौके पर पहुंचे और दिलशाद को निजी अस्पताल में ले गए। जहां डाक्टरों ने दिलशाद को मृत घोषित कर दिया।

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bsp leader dilshad - फोटो : अमर उजाला
नवाजिश मंजूर ने फोन पर ‘अमर उजाला’ को बताया कि दिलशाद प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था। लेकिन हत्या के पीछे क्या विवाद है, इसकी अभी जानकारी नहीं हो पायी है। नवाजिश ने बताया कि दिलशाद का शव पोस्टमार्टम के लिए एम्स ले जाया गया है। जहां से पोस्टमार्टम के बाद देर रात या मंगलवार को दिलशाद का शव पैतृक गांव सठला (मवाना ) लाया जाएगा।
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योगेश वर्मा का फाइल फोटो
योगेश वर्मा का था करीबी 
दिलशाद खान बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा का करीबी था। हालांकि जिला पंचायत का चुनाव जीतने के बाद दिलशाद की करीबी सपा नेता नवाजिश मंजूर से भी हो गयी थी। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भी वह नवाजिश के साथ ही नजर आया। 

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