वेस्ट यूपी में क्राइम कंट्रोल के लिए एडीजी ने एनकाउंटर स्पेशलिस्ट पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी देने का प्लान बना लिया है। ये वे पुलिस वाले हैं, जिनके नाम से ही बदमाशों के पसीने छूटने लगते हैं। मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर और बागपत जिले में दर्जनों पुलिसकर्मी ऐसे हैं, जिनके खाते में नामी एनकांउटर दर्ज हैं।
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राजकुमार शर्मा थानाध्यक्ष
एडीजी प्रशांत कुमार व आईजी रेंज रामकुमार ने एनकाउंटर स्पेशलिस्ट पुलिसकर्मियों की लिस्ट भी तैयार करा ली। पुलिस का मैसेज साफ है, पुलिस अब बदमाशों की गोली का जवाब गोली से देने का मन बना चुकी है। उत्तर प्रदेश में लंबे समय के बाद पेशेवर अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए इस तरह की तैयारी हो रही है।
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उमेश रोरिया थानाध्यक्ष कांधला शामली
पुलिस रिकार्ड के अनुसार मेरठ जोन में 218 पेशेवर अपराधी हैं। पुलिस को एनकाउंटर करने की खुली छूट तो नहीं दी गईं, लेकिन अपराधियों को उनके ही तरीके से सबक सिखाने के निर्देश योगी सरकार और पुलिस के आला अधिकारियों ने दे दिए हैं। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों को गोलियां मारने से पुलिस पीछे नहीं हट रही हैं। हाल ही में जोन में दो दर्जन से ज्यादा बदमाशों को पैर में गोली मारकर पकड़ा गया है।
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समय सिंह, थानाध्यक्ष बाबरी शामली
मेरठ जिले में अभी एक सीओ, तीन इंस्पेक्टर व एक दरोगा का नाम सबसे ऊपर आया हैं। मुजफ्फरनगर जिले में सीओ एसके एस प्रताप सिंह का नाम सबसे ऊपर है। इसके अलावा पीतमपाल सिंह, सुनील शर्मा, प्रवेश शर्मा और चमन सिंह के नाम भी एक दर्जन से ज्यादा बदमाशों को मार चुके हैं। सहारनपुर में इंस्पेक्टर जितेंद्र कालरा और अनिल कपरवान की गोलियां भी कई बदमाशों का सफाया कर चुकी हैं। जिसमें मेरठ के जोन में पहली सूची में सीओ, इंस्पेक्टर, दरोगा की संख्या 27 बतायी गई हैं।
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धर्मेंद्र सिंह पंवार, थानाध्यक्ष कैराना शामली
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने बुधवार वीडियो कांफ्रेसिंग में कहा कि पुलिस बदमाशों पर मजबूती से कार्रवाई करे। उन्होंने शामली में मुठभेड़ में दो बदमाशों को ढेर करने पर शामली पुलिस की सराहना की। वहीं मेरठ जोन पुलिस को सीएम ने कहा कि मुठभेड़ में बदमाशों की गोली का पुलिस बड़ी बहादुरी से जवाब दें। अपराधियों के प्रति कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बहादुर पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में अपराधियों पर पूरी तरह शिकंजा कसा जाना हैं।
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योगी पुलिस के जांबाज ऑफिसर
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शामली में बदमाश ज्यादा सक्रिय हैं। इसको देखते एनकाउंटर एक्सपर्ट को इन जिलों के अलग अलग थानों में पोस्टिंग दी जाएगी। मेरठ जोन में करीब 137 एनकाउंटर एक्सपर्ट पुलिसकर्मी हैं, दूसरी सूची में उक्त पुलिसकर्मी के नाम शामिल किए जायेंगे।
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सीओ विजय प्रकाश दौराला
सीओ विजय प्रकाश अब तक 40 एनकाउंटर कर चुके है। वह दौराला सर्किल के सीओ है। उन्होंने बताया 20 अगस्त 2007 में जैदी फार्म में कुख्यात कोमिल निवासी हर्रा का एनकाउंटर किया। 2000 में पल्लव हरियाणा में 60 हजार के इनामी रोहताश उर्फ ताशी का एनकाउंटर में किया था।
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इंस्पेक्टर राजेश वर्मा
इंस्पेक्टर राजेश वर्मा हरिद्वार के निवासी है। 22 एनकाउंटर कर चुके है। फिलहाल मेरठ क्राइम ब्रांच में है। 2007 में विकरांत उर्फ विक्की का गाजियाबाद में एनकाउंटर किया था। उनको भी गोली लगी। लिसाड़ीगेट में 50 हजार के इनामी शकील कालिया का एनकाउंटर किया था।
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इंस्पेक्टर सचिन मलिक
इंस्पेक्टर सचिन मलिक देहरादून के निवासी है। उन्होंने बताया कि वे अब तक 20 एनकाउंटर कर चुके है। उनकी पोस्टिंग मेरठ पुलिस लाइन में है। 2005 में मुजफ्फरनगर के कुख्यात सचिन ककराला, पिलौना में 20 हजार का इनामी रकम सिंह समेत 20 एनकाउंटर किये है।
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इंस्पेक्टर प्रशांत कपिल
इंस्पेक्टर प्रशांत कपिल मूल रूप से दिल्ली के निवासी है। वह फिलहाल कंकरखेड़ा इंस्पेक्टर है। 2009 में प्रशांत कपिल ने सहारनपुर में कुख्यात कग्घा, मुजफ्फरनगर में सलीम समेत 12 एनकाउंटर करना बताया है। सर्विलांस से बदमाश को खुद ढूंढा और फिर एनकाउंटर कराया।
दरोगा जयवीर सिंह बुलंदशहर के निवासी है। फिलहाल उनकी सदर बाजार थाने में तैनाती है। 2006 में मुजफ्फरनगर के तिवाली में कुख्यात लतीफ ओधरी समेत 12 बदमाशों का एनकाउंटर उन्होंने किया है। 2007 में मुजफ्फरनगर में तीन लोगों का एक साथ एनकाउंटर किया था।
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