छोटे शहर बन रहे दर्शकों की पसंद
कानपुर, लखनऊ व आगरा तो पहले ही निर्देशकों की प्राथमिकता सूची में शामिल रहे हैं, लेकिन अब बरेली, मथुरा, वाराणसी, झांसी, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर जैसे छोटे शहर निर्माताओं की पसंद बन रहे हैं। बुलेट राजा, निल बटे सन्नाटा, रुदाली, तनु वेड्स मनु, टॉइलेट एक प्रेम कथा, पैडमेन, दम लगाके हईशा, पीपली लाइव, ओमकारा, अलीगढ़, सुल्तान, मुक्काबाज, दंगल, शादी में जरूर आना, गैंग्स ऑफ वासेपुर, डेढ़ इश्किया, लगान, जल, भोपाल अ प्रेयर फॉर रेन, पार्च्ड, मांझी द माउंटनमैन जैसी फिल्में इसका उदाहरण हैं कि दर्शक महंगे बाजारों की चमक-दमक के बजाय छोटे शहर देखना पसंद कर रहे हैं।