फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नीला ड्रम केस: मुस्कान का अगला पता बैरक नंबर 12बी और साहिल का बैरक नंबर 15; जानें बच्ची का क्या होगा

Thu, 15 Oct 2026 07:04 AM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

Meerut News: ब्रह्मपुरी में मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या कर दी। बुधवार को मुस्कान और साहिल को कोर्ट ने फांसी की सजा सुना दी। 22 गवाहों ने बयान दिए और 590 दिन बाद सजा सुनाई गई। 
विज्ञापन
1 of 6
जेलर वीरेश राज शर्मा। - फोटो : अमर उजाला
सौरभ हत्याकांड में मृत्युदंड की सजा के बाद मुस्कान बैरक नंबर 12बी और साहिल बैरक नंबर 15 में रहेगा। अब उन्हें सजायाफ्ता वाले कपड़े पहनने होंगे। मुस्कान क्रीम कलर की साड़ी या सूट पहनेगी और साहिल सफेद रंग के कुर्ता और पाजामा पहनेगा। उन्हें कैदियों का नंबर भी मिलेगा। अगर न्यायालय के आदेश में सश्रम कारावास लिखा होगा तो उन्हें मजदूरी भर करनी होगी।
 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 6
मुस्कान की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि जिला जज का आदेश मिलने के बाद दोनों दोषियों के लिए जेल के नियम बदल जाएंगे। अब उन्हें सजायाफ्ता कैदी की तरह रहना होगा। फिलहाल जिला कारागार में कुल 1983 बंदी हैं। इनमें 378 सजायाफ्ता कैदी हैं। इनमें 16 सजायाफ्ता महिलाएं हैं। दो महिला बैरक हैं। ये एक ही बैरक के दो पार्ट हैं। 
बैरक नंबर 12ए में विचारधीन बंदी रहती हैं और 12बी में सजायाफ्ता महिला बंदियों को रखा जाता है। साहिल फिलहाल 17 नंबर बैरक में रह रहा है। उसे 15 नंबर बैरक में शिफ्ट किया जाएगा। दोनों के मुलाकात के दिन भी एक माह में 12 से घटाकर चार कर दिए जाएंगे।
 
विज्ञापन

3 of 6
मुस्कान और साहिल की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अब तक उनसे परिजन एक माह में 12 बार मुलाकात कर सकते थे। अब एक माह में दो बार मुलाकात और दो बार फोन पर बात या फिर चार बार मुलाकात कर सकेंगे। हालांकि मुस्कान से मिलने अब तक कोई परिजन नहीं पहुंचा है। साहिल से मिलने उसका भाई दिव्यांश और नानी पुष्पा देवी अक्सर जिला कारागार आते हैं। 
जेल अधीक्षक का कहना है कि दोषी करार दिए जाने के बाद दोनों दोषियों ने खाना कम कर दिया है। वह अब लगभग आधा खाना खा रहे हैं। दोनों तनाव में हैं और चिंतित हैं। वे अन्य बंदियों से अब बात भी कम करते हैं।
 

4 of 6
सौरभ का फाइल फोटो व मुस्कान और साहिल - फोटो : अमर उजाला
जेल मैनुअल के तहत अभी मुस्कान के साथ रहेगी बच्ची
जिला अदालत द्वारा मुस्कान रस्तोगी को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद जेल में उसके साथ रह रही 10 महीने की मासूम बच्ची के भविष्य को लेकर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। इस बीच वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने स्पष्ट किया है कि बच्ची की स्थिति में तत्काल कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है।
 
विज्ञापन

5 of 6
आरोपी साहिल और मुस्कान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बताया कि जेल मैनुअल के नियमों के मुताबिक, कोई भी बच्चा छह साल की उम्र तक अपनी मां के साथ जेल में रह सकता है। मुस्कान की 10 महीने की बेटी फिलहाल उसके साथ ही रहेगी और जब उसकी फांसी की तारीख तय होगी, तब बच्ची के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। मुस्कान और साहिल को मेरठ जेल में ही रखा जाएगा या कहीं और स्थानांतरित (शिफ्ट) किया जाएगा, इस पर कोर्ट का विस्तृत आदेश मिलने के बाद फैसला होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
सौरभ का फाइल फोटो व मुस्कान और साहिल - फोटो : अमर उजाला
जेल अधिकारियों के मुताबिक, मुस्कान अपनी 10 महीने की बेटी के भविष्य को लेकर बेहद चिंतित है और अक्सर इस बारे में सवाल पूछती है। इसके साथ ही वह पिछले तीन-चार दिनों से अपनी 7 साल की बड़ी बेटी (पीहू) से मिलने की गुजारिश कर रही है, लेकिन जेल नियमों के कारण अभी तक बड़ी बेटी को उससे मिलवाने जेल नहीं लाया गया है। संवाद

ये भी देखें...
नीला ड्रम केस: जब तक मुस्कान को फांसी पर लटकता न देख लूं, चैन नहीं पड़ेगा; सौरभ की मां का फूटा दर्द
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें