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BKU Split: बड़ी मुश्किल में भाकियू, दस दिन के भीतर फिर लग सकता है तगड़ा झटका, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

Tue, 17 May 2022 06:38 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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राकेश टिकैत। - फोटो : amar ujala
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की मुश्किलें अभी और बढ़ेंगी। भारतीय किसान यूनियन को अगले दस दिन के भीतर फिर से तगड़ा झटका लग सकता है। भाकियू को पश्चिमी यूपी में नया संगठन चुनौती दे सकता है। चर्चा है कि भाकियू अराजनैतिक वेस्ट यूपी में सेंधमारी की तैयारी कर रहा है। वहीं नए संगठन में संरक्षक बनाए गए गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र मलिक के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। अब रणनीतिकार गुणा-भाग करने में जुट गए हैं।

बिखराव के बाद बने नए संगठन में कई और बड़े चेहरे शामिल हो सकते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नए संगठन के विस्तर को लेकर जोड़-तोड़ शुरू हो गई है। किसान सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। पश्चिम उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष की नियुक्ति जल्द होगी। 

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के खाप चौधरियों ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए 17 अक्तूबर 1986 को संगठन की नींव रखी थी, लेकिन पिछले 32 सालों में समय-समय पर संगठन में बिखराव और फूट देखने को मिली। नाराज पदाधिकारियों और समर्थकों ने हाल ही में नए संगठन के गठन की घोषण कर दी। भाकियू अराजनैतिक के गठन के बाद अब संगठन के जिलों और गांवों तक विस्तार करने पर मंथन शुरू हो गया है।
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राजेश सिंह चौहान - फोटो : अमर उजाला
नया संगठन बनाने के बाद भाकियू के प्रभाव वाले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खुद को साबित करना चुनौती भरा होगा। ऐसे में रणनीतिकारों ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के  सहारनपुर, मुरादाबाद, अलीगढ़ और मेरठ मंडल में सदस्यता अभियान चलाने पर काम शुरू कर दिया है। इसके अलावा भाकियू के कई बड़े चेहरे भी अपने पुराने साथियों के संपर्क में है। अगले 10 दिन में  भाकियू अराजनैतिक अपना विस्तार कर कार्यकारिणी का एलान कर सकती है।

नए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश चौहान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मांगेराम त्यागी, राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक, राष्ट्रीय महासचिव अनिल तालान, प्रदेश अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह  और युवा विंग के अध्यक्ष दिगंबर सिंह लंबे समय तक भाकियू से जुड़े रहे हैं।
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राजेंद्र सिंह मलिक - फोटो : अमर उजाला
राजेंद्र मलिक के सामने सबसे बड़ी चुनौती
नए संगठन में संरक्षक बनाए गए गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र मलिक के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। खाप के थांबेदारों को एक मंच पर लाने और नए संगठन से जोड़ना भी उनके लिए आसान नहीं होगा। गठवाला खाप में नए संगठन को मजबूती देने की जिम्मेदारी राजेंद्र सिंह मलिक पर होगी।

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naresh tikait,bku - फोटो : amar ujala
पश्चिम में कौन बनेगा चेहरा
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सहारनपुर और मेरठ मंडल से बड़े किसान आंदोलन हुए हैं। भाकियू अराजनैतिक के लिए पश्चिम में किसानों के बीच स्वीकार्यता वाले चेहरे की तलाश करनी होगी। संगठन की रणनीतिकार भाकियू छोड़कर गए पुराने चेहरों को लेकर मंथन कर रही है। जल्द ही इस पर फैसला होगा।
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राकेश टिकैत - फोटो : amar ujala
आखिरी सांस तक जारी रहेगी लड़ाई : टिकैत
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने ट्वीट कर कहा कि सरकारों का काम होता है किसान आंदोलन को तोड़ना, फूट डालना या कमजोर करना। हमारा धर्म है किसानों की आवाज को और बुलंद करना। उनके अधिकारों की रक्षा करना। आखिरी सांस तक किसानों की लड़ाई जारी रहेगी।
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राकेश टिकैत - फोटो : amar ujala
पदाधिकारियों से बात कर रहे राकेश टिकैत
भाकियू ने डैमेज कंट्रोल रोकने की कवायद शुरू कर दी है। भरोसेमंद पदाधिकारियों से बातचीत कर उनके मन की बात ली जा रही है। 

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नरेश टिकैत - फोटो : amar ujala
10 विदेश यात्राएं कराईं और क्या चाहिए था : नरेश टिकैत
बुढ़ाना के जौला गांव पहुंचे भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि पदाधिकारियों को पूरा सम्मान दिया गया। धर्मेंद्र मलिक का नाम लिए बिना कहा कि संगठन ने ही उन्हें 10 विदेश यात्राएं कराईं और क्या चाहिए था। वर्तमान समय किसानों की लड़ाई लड़ने का है। जिन्होंने नया संगठन बनाया, वह भी किसानों की लड़ाई लड़ें।
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नरेश टिकैत व राकेश टिकैत - फोटो : Amar Ujala
भाकियू के समर्थक बुला सकते हैं महापंचायत
भाकियू में बिखराव दिनभर चर्चा का विषय रहा। भाकियू के समर्थक जल्द ही महापंचायत भी बुला सकते हैं। अटकलें लगाई जा रही है कि महापंचायत गठवाला खाप के किसी गांव में हो सकती है।
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