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बया का घोंसला: अजब कारीगरी, गजब मोहब्बत, बच्चों को बारिश से बचाने के लिए बनाती है वाॅटरप्रूफ घरोंदा

Thu, 22 Aug 2024 03:36 PM IST
डिंपल सिरोही सुनील कैथवास, अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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बया - फोटो : अमर उजाला
हल्के पीले रंग का बया या बुनकर प्रजाति का यह नन्हा सा पक्षी, घास के छोटे-छोटे तिनको और पत्तियों को बुनकर लालटेन की तरह लटकते बेहद ही खुबसूरत घोंसले का निर्माण करता है। इसलिए इसे बुनकर पक्षी और टेलर बर्ड भी कहा जाता है, इसी कुशलता के कारण इन्हें पक्षियों का इंजीनियर कहा जाना तनिक भी गलत न होगा। बया प्रजाति के पक्षी पूरे भारतीय उपमहादीप और दक्षिण पूर्वी एशिया में देखने को मिलते है।
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बया - फोटो : अमर उजाला
पक्षी विशेषज्ञ डाॅ. रजत भार्गव बताते हैं कि बया बारिश के मौसम में घोंसला इसलिए बनाते हैं क्योंकि इस मौसम में इन्हें अपने बच्चों को खिलाने के लिए कीड़े मकोड़े आसानी से मिल जाते हैं। 
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बया - फोटो : अमर उजाला
ये घोंसले को वाटरप्रूफ बनाने के लिए विशेष तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। घोंसले बनाने में ये विशेष घास, सरकंडा और मिट्टी का प्रयोग करते हैं। शिकारियों से घोंसले को बचाने के लिए ऊपरी परत पर कंटीली घास की एक परत रहती है।

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बया - फोटो : अमर उजाला
बारिश के मौसम में नर पक्षी आधा घोंसला बनाने के बाद मादा पक्षी को उसे देखने के लिए आवाज लगाकर आकर्षित करता है और यदि मादा को वह घोंसला पसंद नहीं आता तो नर उसे अधूरा छोड़कर दूसरा घोंसला बनाना शुरू कर देता है।
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बया - फोटो : अमर उजाला
बताते हैं कि मादा पक्षी को यह घोंसला यदि पसंद आ गया तो वह उसके अंदर बैठकर आराम करती है। नर पक्षी इस घोंसले को पूरा करता है। सिल्वर बिल पक्षी ऐसा पक्षी है, जो बया पक्षी के छोड़े अधूरे घोंसले में अपना ठिकाना बनाते हैं। उसी में अंडे देते हैं।
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बया - फोटो : अमर उजाला
कौवे व अन्य शिकारी पक्षी कई बार इनके घोंसले को तहस नहस कर इनके अंडे बच्चों को खा जाते हैं और यह दूर से सिर्फ चीखते रहते हैं। बया इसलिए अपना घोंसला ऊंचे और सुरक्षित पेड़ खजूर या नदी, तालाब के किनारे लटकाकर बनाता है, जिससे यह शिकारियों की नजरों से बचा रहता है। यह झुंड में रहना पसंद करते हैं। एक पेड़ पर पचास से सौ घोंसले तक बना लेते हैं। 
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बया - फोटो : अमर उजाला
बया जब अपने बच्चों को खिलाने के लिए कीट-पतंगें लाते हैं। बच्चों का पेट भरा रहता है, तो वह नहीं खाते तब बया उनके खाने के हजम होने तक अपनी चोंच में कीट फंसाए रहती है।
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