बागपत में पुलिस की लापरवाही से मोहल्ला कुरैशियान में दो पक्षों के बीच हुआ झगड़ा मंगलवार को बवाल में तब्दील हो गया। सोमवार रात हुए झगड़े में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस गिरफ्तारी नहीं कर सकी, जबकि आरोपी खुले घूम रहे थे। अगर पुलिस सख्ती करती तो मंगलवार को मारपीट, पथराव और फायरिंग नहीं होती।
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baghpat violence
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार रात पशु व्यापारी रिजवान और राशिद पक्ष के बीच झगड़ा हुआ था। घायल रिजवान ने घोसियान मोहल्ले के राशिद, फईम, बाबू, फुरकान और इमरान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस हमलावरों को गिरफ्तार नहीं कर सकी। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे पुराना कस्बे में दोनों पक्षों का फिर आमना-सामना हो गया।
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बागपत में बवाल
- फोटो : अमर उजाला
मुकदमा दर्ज कराने को लेकर पहले बहस हुई, इसके बाद धक्का-मुक्की हो गई। तनाव बढ़ा तो पथराव शुरू हो गया। सीओ सदर ओमपाल सिंह का कहना है कि सोमवार के झगड़े के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही थी, इसी बीच दोबारा झगड़ा हो गया। फायरिंग की भी सूचना है, पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है।
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बागपत में बवाल
- फोटो : अमर उजाला
भीड़ ने महिला को छुड़ाया
मंगलवार को संघर्ष होने के बाद कोतवाली से जीप में सवार होकर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगे। पुलिस ने बिना तैयारी के घरों में दबिश देनी शुरू कर दी। इस बीच एक महिला को हिरासत में ले लिया गया।
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पुलिस ने महिला को पकड़ा
- फोटो : अमर उजाला
घर से महिला को एक महिला सिपाही लेकर बाहर निकली। यह देखकर भीड़ अनियंत्रित हो गई और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की कर महिला को छुड़ा लिया। बाद में सीओ सदर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात को किसी तरह नियंत्रण में किया।
गाधी की वारदात से भी नहीं लिया सबक
कोतवाली पुलिस ने गाधी गांव की वारदात से सबक नहीं लिया। गाधी गांव में दो पक्षों के बीच पहले झगड़ा हुआ। पुलिस ढीला रवैया अपनाए रही। इसके बाद रक्षाबंधन के दिन रवित की हत्या कर दी गई। गांव में अभी भी तनाव है। इसी तरह की वारदात सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के खिंदौड़ा गांव में हुई थी।