बागपत में मां और दो बच्चियों की हत्या के मामले में पुलिस को देर रात अहम सुराग हाथ लगे। डीवीआर को लैब में भेजने के बाद जांच कराई गई तो कैमरे बंद करता हुआ पड़ोस में रहने वाला नाबालिग दिखा। पुलिस ने मामले में दो नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
बागपत की मस्जिद में ट्रिपल मर्डर केस की जांच में कई चौंकाने वाले सुराग पुलिस के हाथ लगे। जांच में यह भी सामने आया कि मुफ्ती इब्राहिम की पत्नी इसराना और दो बेटियों सोफिया व सुमाझ्या को मारने के बाद हत्यारोपी ने बाथरूम में जाकर हाथ-पैर धोए। इसके बाद सीढ़ियों के रास्ते से भागने का प्रयास किया, मगर नीचे जाने के बजाय रास्ता बदल दिया और फिर ऊपर से सीढ़ी का दरवाजा बंद कर गली में कूदकर भाग गया। दरवाजे व दीवार पर खून लगा मिला है।
मस्जिद की छत पर मुफ्ती के कमरे के अलावा बाथरूम, सीढ़ी के दरवाजे पर दोनों तरफ, दीवारों के अलावा कई जगह खून के धब्बे लगे हुए मिले। इससे यह माना जा रहा है कि हत्यारोपी ने घटना को अंजाम देने के बाद हाथ-पैर बाथरूम में जाकर धोए थे।
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मस्जिद की सीढ़ी पर लगा खून का निशान।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद सीढ़ी के रास्ते मस्जिद से बाहर निकलने के लिए दरवाजा भी बंद किया, जिससे दरवाजे पर नीचे की तरफ खून के धब्बे लग गए। तब आरोपियों को लगा कि मस्जिद से निकलते हुए उनको कोई दरवाजे के पास देख लेगा।
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मस्जिद में जांच करने पहुंचे पुलिसकर्मियों से नोंक-झोक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसलिए ही दोनों आरोपियों ने रास्ता बदलकर दरवाजा ऊपर से बंद कर दिया और फिर छत से दूसरी तरफ कूदकर भाग गए। वहां दीवार पर भी खून के धब्बे लगे हुए थे और नीचे गली में कूदने के लिए दीवार की ऊंचाई भी कम है।
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मस्जिद में बच्चों व महिला की मौत के बाद गमजदा बैठी महिलाएं
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मस्जिद के आसपास संकरी गलियां, गांव में 400 मुस्लिम परिवार
गांगनौली गांव में दो मस्जिद हैं। इनमें एक छोटी व दूसरी बड़ी मस्जिद है। गांव में मुस्लिमों के करीब 400 परिवार रहते हैं। इनमें से अधिकतर परिवार इस बड़ी मस्जिद के पास रहते हैं, जहां तिहरा हत्याकांड हुआ। यहां आसपास की गलियां भी काफी संकरी हैं। मस्जिद के बराबर से भी गली गुजर रही है। उसमें मस्जिद की छत से आराम से कूदकर भागा जा सकता है।
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गांगनौली गांव की बड़ी मस्जिद के बाहर हंगामा करते लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीवीआर से मिले अहम सुराग
बागपत के गांगनौली में इसराना के साथ ही बच्चियों सोफिया और सुमाइया की हत्या के मामले में पुलिस को देर रात अहम सुराग हाथ लगे। डीवीआर को लैब में भेजने के बाद जांच कराई गई तो कैमरे बंद करता हुआ पड़ोस में रहने वाला नाबालिग दिखा।
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गांगनौली गांव की बड़ी मस्जिद के बाहर हंगामा करते लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके अलावा भी वह एक जगह कैमरे में दिख रहा है। वह इसराना से दीनी तालीम लेता था। बताया जा रहा है कि उसको मुफ्ती इब्राहिम ने शुक्रवार को डांटा था और उसको थप्पड़ भी मारा था। इसलिए ही उसने घटना को अंजाम दिया।
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मस्जिद में जांच करने पहुंचे डीआईजी मेरठ कलानिधि नैथानी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसपी सूरज कुमार राय ने पुष्टि करते हुए बताया कि हत्यारोपी मस्जिद में रोजाना आता था और इस परिवार से जुड़ा हुआ है। गांगनौली गांव में तिहरे हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस को घटनास्थल से कई अहम जानकारी हाथ लगीं।
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सुमाइया की फाइल फोटो
- फोटो : परिजन
मां और दो मासूम बेटियों की निर्मम हत्या
बागपत जिले के दोघट के गांगनौली की बड़ी मस्जिद परिसर में शनिवार की दोपहर मुफ्ती इब्राहिम की पत्नी आलिमा इसराना (30), बेटी सोफिया (5), सुमाझ्या (2) की दो नाबालिगों ने बिसौली से सिर कुचलकर निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़कर आला कत्ल बिसौली और एक चाकू बरामद कर लिया है।
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आलीमा इसराना की फाइल फोटो
- फोटो : परिजन
शामली जिले के सुन्ना गांव निवासी मुफ्ती इब्राहिम अपने परिवार के साथ गांगनौली की बड़ी मस्जिद में ऊपरी मंजिल में बने कमरे में तीन साल से रह रहे हैं। उनकी पत्नी इसराना आलिमा की पढ़ाई करके पड़ोस की बच्चियों को दीनी तालीम देती थीं।
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सोफिया की फाइल फोटो
- फोटो : परिजन
खून से लथपथ चारपाई पर पड़े थे शव
शनिवार दोपहर में छह बच्चियां दीनी तालीम लेने के लिए मस्जिद में आईं तो काफी देर तक आवाज लगाने पर दरवाजा नहीं खुला। वे सीढ़ी से चढ़कर छत पर गईं और दरवाजा खोला। कमरे में जाकर देखा तो इसराना, सोफिया और सुमाइया के शव खून से लथपथ चारपाई पर पड़े दिखे।
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एसपी सूरज कुमार राय को खरी खोटी सुना रहे लोगों को रोकते पुलिसकर्मी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसपी से नोकझोंक और एएसपी की गाड़ी को तोड़ने का प्रयास
शव देखते ही बच्चियां चिल्लाते हुए मस्जिद से बाहर आ गईं। भीड़ ने पुलिस के शव उठाने का विरोध किया। एसपी से नोकझोंक और एएसपी की गाड़ी को तोड़ने का प्रयास किया गया। मेरठ के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन की।
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गांगनौली गांव की बड़ी मस्जिद में विलाप करता मुफ्ती इब्राहिम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दोनों आरोपी मस्जिद में लेते थे दीनी तालीम
एसपी सूरज कुमार राय के अनुसार, आरोपियों ने बताया कि वे दोनों मस्जिद में दीनी तालीम लेते थे। उनको मुफ्ती इब्राहिम और कभी इसराना पढ़ाती थी। इब्राहिम उनको डांटने के साथ ही पिटाई कर देते थे। इसलिए गुस्से में परिवार को मारने की योजना बनाई।
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गांगनौली गांव की बड़ी मस्जिद में लगा कैमरा (लाल घेरे में)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दोपहर में ही दोनों आ गए थे मस्जिद
इसके लिए कई दिन से फिराक में लगे थे। उनको पता चला कि शनिवार को इब्राहिम देवबंद गए हैं तो दोपहर में दोनों मस्जिद में आए। मस्जिद में नीचे राजमिस्त्री द्वारा काम करने के लिए बसूली रखी हुई थी जिसको उठाकर ले गए।
गांगनौली गांव की बड़ी मस्जिद के बाहर लाठी से भीड़ को खदेड़ता पुलिसकर्मी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पहले इसराना और फिर बच्चियों को मारा
पहले इसराना पर वार किए और फिर बच्चियों पर वार कर दिया। इस तरह तीनों की हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद गांव के पास ही घूमते रहे। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आला कत्ल बसूली और एक चाकू बरामद किया गया है।