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PHOTO: जोशीमठ की तरह यूपी के बागपत में घर छोड़ने को मजबूर लोग, जमीन धंसने से 25 मकानों में आईं मोटी दरारें

Thu, 12 Jan 2023 01:52 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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मकानों में आईं दरारें - फोटो : अमर उजाला
जोशीमठ की तरह ही उत्तर प्रदेश के बागपत में जमीन धंसने से 20 से ज्यादा मकानों में दरारें आ गई हैं। इससे लोगों में दहशत फैली है। जानकारी के अनुसार जनपद के ठाकुरद्वारा मोहल्ले में जमीन धंसने लगी, जिससे करीब 25 मकानों में दरारें आ गई हैं। वहां कई मकान पूरी तरह से जर्जर हो गए हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं। इससे लोगों ने दहशत है और कुछ मकानों में लोगों ने पलायन भी शुरू कर दिया है।
 
हालांकि गैस पाइप लाइन दबाने के बाद पेयजल लाइनों के लीक होने से पानी के रिसाव को जमीन धंसने का कारण माना जा रहा है। नगर पालिका के कर्मचारी अब गलियों को उखाड़कर जांच में जुटे हैं, जिससे जमीन धंसने का सही कारण पता लग सके। जांच के बाद ही असली कारण पता चल सकेगा, लेकिन इससे स्थानीय लोगों में भी दहशत का माहौल है। आगे तस्वीरों में देखें कैसे जमीन धंसने के कारण मजबूत मकानों में नजर आ रही है मोटी दरारें।
 
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मकानों में आईं दरारें - फोटो : अमर उजाला
ठाकुरद्वारा मोहल्ले में पूर्व चेयरमैन पवन गुप्ता वाली गली और उसके पास ही दूसरी गली में कुछ समय पहले मकानों में दरार आने पर लोगों ने उनको ठीक करा लिया था। अब वहां जमीन धंसनी शुरू हो गई और मकानों में काफी बड़ी दरार हो गई। 
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मकानों में आईं दरारें - फोटो : अमर उजाला
पूर्व चेयरमैन पवन गुप्ता के बेटे शिवम गुप्ता, पूर्व चेयरमैन के भाई राजीव गुप्ता, नरेश, नरेश शर्मा प्रिंसिपल, पवन कश्यप, प्रदीप कश्यप, जय किशन कश्यप, पवन गुप्ता, चरणजीत खट्टर, विवेक शर्मा, सतप्रकाश गुप्ता, जयप्रकाश वर्मा समेत करीब 25 लोगों के मकानों का फर्श धंसने के साथ ही दरार आई हैं।

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मकानों में आईं दरारें - फोटो : अमर उजाला
जिससे लोग अपना सामान बांधकर अन्य जगह मकान किराए पर लेकर रहने के लिए जाने लगे हैं। वहीं आसपास के जिन मकानों में अभी दरार नहीं आई हैं, उनकी भी चिंता बढ़ गई है और उनमें भी दहशत हो गई है।
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मकानों में आईं दरारें - फोटो : अमर उजाला
लोगों का कहना है कि उन्होंने इतनी मेहनत से अपने मकान बनाए थे और अब इनमें मोटी दरारें पड़ गईं हैं। ऐसे में इनमें रहना खतरे से खाली नहीं है। कई परिवारों ने ये घर छोड़कर अपने रिश्तेदारों के घरों की तरफ रुख किया है जबकि कई आज सामान पैक करते नजर आए।
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