पश्चिम उत्तर प्रदेश में जरायम की दुनिया के दो बड़े कुख्यातों का याराना बड़ा अजीबोगरीब है। एक कुख्यात जेल में रहता है तो दूसरा बाहर। कई वर्षों से दोनों कुख्यात पुलिस से आंख मिचौली खेलते हैं और पुलिस तमाशबीन बनकर देखती है। बदन सिंह बद्दो पुलिस कस्टडी से भागा तो सुशील मूंछ सवा साल बाद आसानी से जेल चला गया। इसको लेकर पुलिस, आम जनता और बदमाशों में अलग-अलग चर्चाएं हैं। पुलिस की खामोशी के पीछे क्या राज है, इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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सुशील मूंछ को कोर्ट लेकर जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
बद्दो और मूंछ गहरे दोस्त
पुलिस के मुताबिक बद्दो और मूंछ में कई वर्षों से गहरी दोस्ती है। मूंछ करीब तीन साल जेल में बंद रहा है। इस दौरान बद्दो जेल से बाहर था। मूंछ का सारा खर्चा बद्दो उठाता था। दोनों के गुर्गे भी एक-दूसरे से वाकिफ हैं। 2017 में बद्दो को उम्रकैद की सजा हो गई थी। इस दौरान मूंछ बाहर था। मूंछ गुपचुप तरीके से बद्दो की मदद करता रहा। 2018 में मां-बेटे की हत्या में मूंछ नामजद हुआ और पुलिस ने इनाम कर दिया। लेकिन मूंछ जेल नहीं गया। 28 मार्च को बद्दो पुलिस कस्टडी से भाग गया। सवा साल बाद मूंछ बिल से बाहर आया व कोर्ट में सरेंडर कर जेल चला गया।
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बदन सिंह बद्दो
- फोटो : अमर उजाला
दोनों दोस्तों का सुरक्षित अड्डा कहां?
एक-एक लाख का इनाम होने के बाद भी पुलिस बद्दो और मूंछ को गिरफ्तार नहीं कर पाती है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसी भी उन्हें ढूंढने में नाकाम हो जाती हैं। सवाल है कि आखिर इन दोनों कुख्यातों का वहां कौन सा सुरक्षित अड्डा है, जहां तक पुलिस नहीं पहुंच पाती। विदेश में भी दोनों बदमाशों का नेटवर्क फैला हुआ है। दोनों की करोड़ों की प्रॉपर्टी भी विदेश व दूसरे राज्यों में होनी बताई जाती है। बताया जा रहा कि बद्दो के फरार होने व मूंछ के सरेंडर होने के पीछे पूरी प्लानिंग है।
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सुशील मूंछ को लेकर जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
परतापुर में गोलियां बरसाकर मारे थे मां-बेटा
गवाही से एक दिन पहले चश्मदीद गवाह बेटे भोलू व उसकी मां निछत्तर कौर की हत्या बदमाशों ने सरेआम गोली बरसाकर की थी। सीसीटीवी कैमरे में पूरी वारदात कैद हो गई थी। जिसको लेकर प्रदेश भर में खलबली मची थी। इस मामले में विनय, मालू समेत 12 लोग नामजद हुए जबकि सुशील मूंछ और उसका बेटा मंजीत साजिश रचने के मुल्जिम बने थे। आरोप था कि आरोपियों और पीड़ित पक्ष के साथ मूंछ ने पंचायत की थी।
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कुख्यात सुशील मूंछ
- फोटो : फाइल
पंचायत के बाद मामले में समझौता न होने पर मूंछ और उसके बेटे ने आरोपियों के साथ शूटर भेजकर गवाह मां-बेटे की हत्या कराई थी। मंजीत कोर्ट में पहले ही सरेंडर हो चुका था। मेरठ पुलिस अब मूंछ को बी वारंट पर मेरठ कचहरी में लाएगी। वहीं, ऐसी ही वारदात मुजफ्फरनगर नई मंडी कोतवाली के अंकित विहार निवासी सुशील उर्फ चीकू की हत्या हुई थी। सुशील दूध व्यवसायी था। 12 अक्तूबर 2017 की तड़के उसकी डेयरी खोलते समय गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। जांच में सुशील मूंछ व उसके गैंग का नाम सामने आया था।
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कुख्यात बदन सिंह बद्दो
- फोटो : social media
बाहुबलियों की सुरक्षा में जुगाड़ से लगती है ड्यूटी
सेंट्रल जेल फतेहगढ़ में 12 से अधिक बाहुबली सजा काट रहे हैं। जेल में ठाठ की जिंदगी जीने वाले इन बाहुबलियों की सुरक्षा में ड्यूटी लगाने के लिए पुलिस कर्मी जुगाड़ लगाते हैं। इसके लिए उन्हें भेंट भी चढ़ानी पड़ती है। इसी खेल के चलते पेशी जाने के दौरान पुलिस अभिरक्षा से कई बाहुबली फरार हो चुके हैं। इनमें मेरठ से फरार हुआ बदन सिंह उर्फ बद्दो भी शामिल है। सूत्रों के मुताबिक सेंट्रल जेल में बंद बाहुबली पेशी पर जाने के लिए अपने मनपसंद पुलिस कर्मियों का चयन करते हैं। एसटीएफ ने जेल में बंद बाहुबलियों का रिकॉर्ड खंगाला तो पता चला उनके गुर्गे यहां पर स्थायी रूप से रह रहे हैं। गुर्गों के पास लग्जरी वाहनों का बेड़ा भी है।
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बदन सिंह बद्दो
- फोटो : अमर उजाला
कुख्यात बद्दो पर डीजीपी ने बढ़ाया इनाम
बदन सिंह बद्दो शातिर अपराधी होने के साथ माफिया भी है। वह विदेश भाग सकता है, इसको देखते हुए पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने उस पर इनामी राशि ढाई लाख रुपये कर दी है। बताया गया कि उस पर पांच लाख का इनाम करने की रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। बद्दो पर इनाम बढ़ते ही पुलिस के साथ एसटीएफ, एटीएस व दिल्ली की स्पेशल टीम सहित कई सुरक्षा एजेंसियों की टीमें कई राज्यों में बद्दो और उसके गुर्गों की कुंडली खंगालने के लिए रवाना हो गईं। पुलिस कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने में जुटी है। तीन दिन में बद्दो पर ढ़ाई लाख का इनाम होने के पीछे भी गहरा राज बताया जा रहा है। चर्चा है कि बद्दो की फरारी के मामले में पुलिस का कोई दूसरा मकसद भी हो सकता है।
गहरी साजिश हो सकती है
बद्दो के फरार और मूंछ के सरेंडर होने के पीछे बदमाशों की गहरी साजिश हो सकती है। पुलिस इसकी भी बारीकी से जांच कर रही है। मूंछ को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। बद्दो से उसका कनेक्शन है, इसे इनकार नहीं किया जा सकता। -नितिन तिवारी, एसएसपी