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Pics: अटल जी थे गजक के शौकीन, उनके जीवन से जुड़ी 9 बड़ी बातें, एक क्लिक में पढ़ें

Fri, 17 Aug 2018 07:57 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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अटल बिहारी वाजपेयी की पुरानी तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला
अटल जी जैसा व्यक्तित्व सदियों में पैदा होता है। वह सहृदय थे और कार्यकर्ताओं की बात ध्यान से सुनकर उसका निराकरण करते थे। मेरी कई बार भेंट हुई। जब विधायक था तब एक दिन विधानसभा में वह राज्यपाल दीर्घा में आ गए। उसी दिन शाम को हमारी पूरी टीम को बुलवाया और कहा कि हाय हुल्लड़ क्यों करते हो। सदन की गरिमा का ध्यान रखो। धैर्य से काम करो। 2002 में मेरा टिकट कटा। उस चुनाव में उन्होंने विक्टोरिया पार्क में 9 फरवरी 2002 में रैली की थी। उसके बाद मेरठ नहीं आए। इससे पहले मैं सन् 1996 में उनके पास गया। कहा कि मेरा टिकट कट रहा है। उन्होंने आंकड़े देखकर कहा कि तुम्हारा टिकट कौन काट सकता है। मैं वापस चला तो बोले गजक नहीं लाए। दरअसल वे मेरठ की गजक के शौकीन थे। - अमित अग्रवाल, पूर्व विधायक
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अटल बिहारी वाजपेयी की पुरानी तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला
मुझे याद नहीं पर चाचा लक्ष्मीकांत वाजपेयी और परिवार के सभी लोग बताते हैं। सन् 1980 में भाजपा का मुंबई अधिवेशन हुआ था। हमारा पूरा परिवार वहां गया था। मैं उस समय डेढ़ साल का था। जैसे ही सब बाहर निकले तो अटल जी ने मुझे गोद में ले लिया। बोले कि यह हमारा सबसे छोटा कार्यकर्ता है। -विवेक वाजपेयी
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अटल बिहारी वाजपेयी की पुरानी तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला
हाईकोर्ट बेंच के मजबूत पक्षधर थे
वर्ष 1981 से पउप्र में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर चले आ रहे आन्दोलन को वाजपेयी ने बतौर सांसद राज्यसभा में 21 जुलाई 1986 को मजबूती से रखा था। उन्होंने कहा था कि मंत्री महोदय सालभर से संसद में कह रहे हैं कि जसवन्त सिंह आयोग की रिपोर्ट को राज्य सरकार को भेजा जा रहा है। लेकिन राज्य सरकारों से सुझाव आ चुके हैं। इसके बाद भी मामले में विलंब किया जा रहा है। इस कारण आंदोलन हो रहे हैं।

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अटल बिहारी वाजपेयी की पुरानी तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला
खूब किया चुनाव प्रचार
विधानसभा चुनाव 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी कैंट विधानसभा की पूर्व विधायक शशि मित्तल के चुनाव प्रचार में यहां आए थे।
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अटल बिहारी वाजपेयी की पुरानी तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला
सरसावा में बनी जेल में रहे थे अटल 
अयोध्या के विवादित ढांचे का विवाद चरम पर था, देश भर से राम मंदिर निर्माण को लेकर आंदोलन शुरू हो गया था। 1990 में लालकृष्ण आडवाणी रथयात्रा निकाल रहे थे। भाजपा ने इस मुद्दे को हवा दी थी। सपा सरकार ने कार सेवकों के साथ भाजपा नेताओं को भी गिरफ्तार करना शुरू कर दिया था। उसी दौरान अटल बिहारी वाजपेयी को भी सरसावा शुगर मिल में एक सप्ताह तक रखा गया था।
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अटल बिहारी वाजपेयी की पुरानी तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला
14 फरवरी 1984 को सरधना आए थे अटल 
सरधना निवासी मदन बंसल बताते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म की 52वीं वर्षगांठ थी। सरधना आगमन का कार्यक्रम बना। 14 फरवरी 1984 को नगर कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मिलकर 52 हजार रुपये भेंट करने का निर्णय लिया गया। भेंट करते समय वह मुस्कुराते हुए बोले कि रुपये कम हुए तो भाषण कम कर दूंगा। इसके बाद बड़ौत खेकड़ा में इनकी सभाएं हुईं। मदन बंसल ने बताया कि उन्होंने दो बार अशोका मार्ग कार्यालय जाकर मुलाकात की और रामजन्म भूमि आंदोलन में गिरफ्तारी दी। वह हंसी का विशाल भंडार थे, दृढ़ निश्चय के धनी थे। बता दें कि अटल जी शकुंतला देवी को अपनी बहन मानते थे। यह फोटो शकुंतला देवी की है।
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अटल बिहारी वाजपेयी की पुरानी तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला
अजय से कराया था अनुवाद
सन् 1975 की बात है। अटल बिहारी की मेरठ में पूरी जनसंघ की टीम थी। वह खंदक बाजार में चंपालाल जैन के यहां आए हुए थे। उनके साथ लालकृष्ण आडवाणी, विजय मल्होत्रा आदि नेता भी थे। आरएसएस के प्रचार प्रमुख अजय मित्तल बताते हैं कि वह दो दिन यहां रुके। अजय दसवीं के छात्र थे। उन्हें चंपालाल जैन ने बुलाया। अटल जी के हाथ में दो कागज। एक हिंदी और एक अंग्रेजी में लिखा हुआ। उन्होंने इसका अनुवाद करने के लिए अजय मित्तल को दिया। अजय ने दस मिनट में ही इसका अनुवाद कर दिया। उन्होंने इसे खुद पढ़ा और आडवाणी को भी पढ़वाया। उन्होंने खुश होकर अजय मित्तल की पीठ थपथपाई।

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अटल बिहारी वाजपेयी की पुरानी तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला
तभी तो बिहारी बोलेगा
वर्ष 1971 की बात है। लोकसभा चुनाव के दौरान भैसाली मैदान में बड़ी सभा थी। जैसे ही वह मैदान में पहुंचे तो जनता ने नारा लगाना शुरू कर दिया.... ‘अटल बिहारी बोल रहा है, इंदिरा शासन डोल रहा है।’ कई मिनट तक नारे लगते रहे तो वह माइक पर बोले, रुको। जनता रुकी तो बोली अटल बिहारी कहां बोल रहा है? जब आप बोलने दोगे तभी तो बोलेगा। रैली में ठहाका गूंज उठा और उसके बाद उन्होंने अपना भाषण शुरू किया।
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अटल बिहारी वाजपेयी की पुरानी तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला
खीर बनवाकर खाई
खेकड़ा में उन्होंने कहा कि अब भोजन यही होगा। इन सभी सभाओं में कार्यकर्ताओं ने उन्हें पार्टी चंदे के रूप में सिक्कों की थैलियां भेंट की थीं। सभी जगह से लगभग दो लाख रुपया दिया गया था। खैर, उन्होंने खेकड़ा में भोजन किया और खीर बनवाई।

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