रामपुर मनिहारान तहसील के सकतपुर गांव में हडप्पा सभ्यता की तांबे की कुल्हाडी व मृदभांड मिलने पर आज आगरा की पुरातत्व विभाग टीम वहां पहुंची है। आगरा व मेरठ उप मंडल के अधिकारियों की टीम ने अधीक्षण पुरातत्व विद डा. आगरा मंडल के डा. भुवन विक्रम के नेतृत्व में गांव में पंहुच कर चिन्हीत किए गए एक खेत में डेरा डाल दिया है। बीते वर्ष गांव सकतपुर निवासी नंदकुमार पुत्र सीता राम ने एक भट्टे व्यवसायी को अपने खेत से मिट्टी खनन के लिए दिया था।
विज्ञापन
मजदूरों को तांबे की कुल्हाडी और कुछ मृदभांड सिक्के मिले
2 of 7
पुरातत्व की टीम
8 जून 2016 को जब ईंट पथाई का कार्य करने वाले मजदूर मिट्टी को खोद रहे थे तो मजदूरों को तांबे की कुल्हाडी और कुछ मृदभांड (सिक्के) मिले जब उन्होंने इसकी जानकारी ग्राम प्रधान को दी तो उन्होंने तत्कालीन एसडीएम हीरालाल को इसके बारे में सूचित किया था। इसके बाद एसडीएम के नेतृत्व में उस समय पुरातत्व विभाग की टीम ने कुल्हाडी व मृदभांड को अपने कब्जे में लेकर आगरा लेब को भेज दिया था। इसके बाद से इस 12 बीघा जमीन को सील कर दिया गया था और उसके खनन पर रोक लगा दी गई थी।
विज्ञापन
आगरा मंडल पुरातत्व विभाग के अधीक्षण डा. भुवन विक्रम पहुंचे
3 of 7
पुरातत्व विभाग
आज बृहस्पतिवार को आगरा मंडल पुरातत्व विभाग के अधीक्षण डा. भुवन विक्रम, मेरठ उप मंडल के सहायक एसके नामदेव, अरखित प्रधान, लोचन सिंह ड्राफ्ट मैन, मोहित कुमार फोटो ग्राफर, मनोज कुमार व भवानी शंकर ने गांव सकतपुर पहुंचर चिन्हीत किए गए खेत पर अपना डेरा डाल दिया है। टीम ने इस क्षेत्र में उत्खनन करने के लिए सर्वेक्षण शुरू कर दिया है।
सर्वेक्षण के बाद उत्खनन का कार्य किया जाएगा
4 of 7
पौराणिक वस्तु
आगरा मंडल पुरातत्व विभाग के अधीक्षण डा. भुवन विक्रम ने अमर उजाला को जानकारी देते हुए बताया सहारनपुर मंडल में कई स्थानों पर मृदभांड मिल चुके है। यहां सर्वेक्षण के बाद उत्खनन का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि उत्खनन के दौरान कोई पौराणिक वस्तु प्राप्त होती है तो हो सकता है यहां एक बडी सफलता उनके हाथ लग सके। उन्होंने यह भी बताया कि वह जिस क्षेत्र में उत्खनन किया जाएगा यहां की मिट्टी ईंट पथाई के लिए कार्य में ली जा रही थी मजदूर जब कार्य करते है तो उन्हें पौराणिक वस्तु की जानकारी नही होती वह उसे फैंक देते है।
विज्ञापन
प्रशासन ने लगा रखी है रोक
5 of 7
सकतपुर गांव में पहुंची पुरातत्व की टीम
टीम ने आज उत्खनन करने वाले क्षेत्र की निशानदेही की है। उधर पूर्व प्रधान हरीश कुमार, अमर कुमार, नंद कुमार ने कहा कि इस स्थान पर पुराने मिट्टी के बर्तनों के अवशेष बडी मात्रा में दबे पडे है। बर्तनों के कुछ अवशेष ऐसे भी है जिन पर कुछ आकृति बनी हुई है। वही उनका व खेत मालिक नंदकुमार का कहना है कि उनके पास यह 12 बीघा जमीन थी जिस पर पैदावार व अन्य कोई भी कार्य के लिए प्रशासन ने रोक लगा रखी है जिससे उनके समाने रोजी रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है।
विज्ञापन
गुहार लगाकर मुआवजा दिए जाने की मांग
6 of 7
पुरातत्व की टीम के सदस्य
इस खेत को प्रशासन से बंधन मुक्त करने के लिए वह केन्दीय ग्रह मंत्री राजनाथ सिंह, प्रदेश मुख्य मंत्री अखिलेश यादव, जिलाधिकारी, पुरातत्व विभाग आगरा तक प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाकर मुआवजा दिए जाने की मांग कर चुके है परन्तु उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई है।
उनका यह भी कहना था कि कही प्रशासन इस उत्खनन को ठंडे बस्ते में न डाल दे और वह अपनी भूमि में पैदावार करने से भी वंचित न हो जाए। एक और तो उनकी 12 बीघा जमीन को प्रशासन ने बंधक बना लिया है और उन्हें इसका कोई मुआवजा तक नही दिया है अब वह अपनी जमीन को बंधन मुक्त कराने के लिए चैन से नही बैठेंगे।