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मर्डर: क्या सुनियोजित थी आशीष गुर्जर की हत्या, हमलावरों ने की थी सटीक रेकी, साथियों ने साधी चुप्पी

Sun, 16 Dec 2018 02:15 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मृतक आशीष
मेरठ में बसपा नेता के हत्यारोपी युवक आशीष गुर्जर की शनिवार को शोभापुर में हत्या कर दी गई। इस वारदात के बाद कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। क्या हमलावरों का निशाना सिर्फ आशीष था। क्या परिवार में दहशत फैलाने के मकसद से हवाई फायरिंग गई। आशीष के साथियों ने भी चुप्पी साध रखी है। वहीं पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना करने के साथ ही चश्मदीद लोगों से पूछताछ की। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सटीक रेकी के बाद ही इस हत्या को अंजाम दिया गया। 

 
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पुलिस
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गोपी पारिया की हत्या के मामले में आशीष कचहरी में तारीख पर जाएगा, इसका पता आरोपियों को था। तारीख पर जेल से मनोज और कपिल को भी आना था। बताया गया था कि आशीष घर से कचहरी तारीख पर जाने के लिए निकला है और उसके पास कोई हथियार नहीं है। हमलावरों को यह भी जानकारी थी कि आशीष इस समय अपने खेत पर गांव के चार साथियों के साथ मौजूद है। सटीक सूचनाओं के बाद आठ हमलावर तीन मोटरसाइकिलों पर करीब दस मिनट में खेत पर पहुंचे और कोई मौका दिए बिना आशीष पर गोलियां बरसा दीं। गोलियां चलते ही आशीष के साथी वहां से भाग गए। 

 
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यूपी पुलिस
पुलिस के मुताबिक हमलावरों ने आशीष के साथियों पर एक भी फायर नहीं किया। हमलावर घटना को अंजाम देकर योगीपुरम पुलिस चौकी के बराबर वाले रास्ते से हाईवे पर आए। रास्ते में आशीष का पड़ोसी चाचा दर्शन उनको मिला। दर्शन ने बताया कि हमलावरों ने उसको गाली देते एक फायर किया। जोकि उसकी सेंट्रो कार के शीशे में लगा। उसके बाद आरोपी फरार हो गए। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आरोपी सिर्फ आशीष को मारने आए थे। उनका मकसद आशीष और उसके परिवार में दहशत फैलाना था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि  आशीष को आठ गोलियां लगीं। कोई भी गोली शरीर से पार नहीं निकली। जिससे अंदेशा है कि आशीष को बेहद नजदीक से गोली मारी गई। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली है। जिसमें आरोपी बाइक से फरार होते नजर आए हैं। 
 

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तोड़फोड़ में क्षतिग्रस्त कार
भड़कते रहे लोग, परिवार ने बचाया बवाल
आशीष के परिजनों की आंखों में गम और गुस्सा था। लोगों उन्हें भड़काते का प्रयास करते रहे। लेकिन पीड़ित परिवार स्थिति को संभालता रहा। बेटे का शव देखकर पिता महकार सिंह जमीन पर बैठ गया। लोग जैसे ही हल्ला मचाते तो तभी महकार कहते कि बवाल मत करना। शायद यही वजह थी कि पीड़ित पक्ष की समझदारी से माहौल खराब होने से बच गया। परिजनों ने जाम तक नहीं लगने दिया। जाति सूचक शब्द कहते ही परिवार के लोग चिल्लाते रहे कि कोई भी गलत मत बोलो। आशीष के दोस्त कह रहे थे कि उनका नेता मारा है। जेल से छूटने के बाद वह अकेला नहीं रहता था। आरोपियों ने उसको घेरकर मारा है।
 
 
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बिलखते परिजन
महिलाओं ने पुलिस को दौड़ाया  
आशीष की दिनदहाड़े हत्या से महिलाओं में जबरदस्त गुस्सा था। कई बार पुलिस ने शव को उठाने का प्रयास किया, जिस पर महिलाओं ने पुलिस वालों को दौड़ाया। कहा कि पहले उन्हें आशीष के हत्यारोपियों को पकड़कर दिखाओ। तब शव को उठने देंगे। महिलाएं कह रही थीं कि तुम लोग यहां से जाओ। आशीष की हत्या का बदला हम खुद लेंगे। पुलिस अधिकारी महिलाओं को समझाने का प्रयास करने लगे। एसपी सिटी रणविजय सिंह और एसपी क्राइम डॉ. बीपी अशोक ने सीओ दौराला, सीओ कोतवाली समेत कई थानों की फोर्स बुलाकर शोभापुर को छावनी में तब्दील कर दिया।
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sobhapur
नेताओं ने भी संभाली स्थिति
इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा समेत कई पुलिसवालों ने आशीष के शव को कब्जे में लेने का प्रयास भी किया। लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस से धक्कामुक्की कर दी। आशीष के परिजनों ने आरोप लगाया कि गोपी पारिया की हत्या के बाद भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर भी गांव में तीन बार आए थे, जिससे आरोपी पक्ष भड़का हुआ था। बाद में बजरंग दल नेता बलराज डूंगर, दुष्यंत रोहटा समेत कई नेताओं ने लोगों को शांत किया। 
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बिलखते परिजन
परिजनों का बुरा हाल 
आशीष अपने भाई जॉनी उर्फ मनीष और बहन अंकिता से बड़ा था। बीए का छात्र था। चार अप्रैल 2018 को शोभापुर में हुई गोपी पारिया की हत्या में आशीष करीब दो माह पूर्व ही जेल से छूटा था। तभी से उसको खतरा बना था। आशीष की हत्या से उसके भाई, बहन व मां सुमन समेत परिवार के लोगों का रो रोकर बुरा हाल था। 

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एसपी सिटी
सोशल साइट पर भड़काऊ पोस्ट डाली  
नौ लोगों को मारने की धमकी देने की एक भड़काऊ पोस्ट सोशल साइट पर वायरल हो रही है। जिसमें आशीष का नाम भी शामिल है। ग्रामीणों ने यह पोस्ट एसपी सिटी और एसपी क्राइम को दिखाई। ग्रामीणों ने कहा कि इस पोस्ट के बारे में थाने में भी शिकायत की थी। लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी। इसको लेकर पुलिस के प्रति ग्रामीणों में जबरदस्त गुस्सा भी है। एसपी सिटी रणविजय सिंह ने लोगों को समझाया कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस की भी जांच कराने का आश्वासन लोगों को दिया। 

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गांव में तैनात पुलिस
पुलिस की लापरवाही भी सामने आई 
इस मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। पुलिस चौकी के पास वारदात होने के बावजूद पुलिस की नींद नहीं टूटी। पुलिस को लोग फोन कर वारदात की जानकारी देते रहे। लेकिन पुलिस को मौके पर पहुंचने में 20 मिनट लगे। चौकी पर भी कोई पुलिसकर्मी नहीं था। चर्चा है कि अगर पुलिस समय पर पहुंच जाती तो इतना बड़ा बखेड़ा नहीं होता। अस्पताल से पोस्टमार्टम के लिए शव भेजने में भी पुलिस की भारी गलती बताई गई है। इसको लेकर पुलिस अधिकारियों ने थाना पुलिस पर जांच बैठाई है। 

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sobhapur
दुकान और कार में तोड़फोड़
आशीष की हत्या पर गुस्साए लोगोें ने रोहटा रोड स्थित एक दुकान में तोड़फोड़ कर दी। दुकान के बाहर खड़ी दुकानदार की कार में तोड़कर उसमें आग लगाने का प्रयास किया है। तभी आशीष के परिजनों ने लोगों को शांत कर ऐसा करने से रोका।  
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sobhapur
जल्द पंचायत की तैयारी
गांव में दोनों पक्षों में खूनी रंजिश को लेकर माहौल खराब होने के अंदेशे से गांव के लोग ही नहीं पुलिस अधिकारी भी चिंतित हैं। गांव का माहौल सामान्य करने के लिए अधिकारी गांव के दोनों पक्षों के लोगों को लेकर जल्द ही गांव में पंचायत करने की तैयारी में हैं। सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों से अधिकारियों ने बातचीत की है। समाज सेवी दुष्यंत रोहटा ने बताया कि गांव के माहौल को सुधारने में पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग किया जाएगा। वरना ऐसे तो गांव बर्बाद हो जाएगा।
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