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सिस्टम रहा सुस्त, चलता रहा अनामिका शुक्ला का खेल, अब सामने आईं ये अहम बातें

Tue, 09 Jun 2020 05:25 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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शिक्षिका अनामिका शुक्ला - फोटो : अमर उजाला
एक साथ 25 जिलों में नौकरी कर पहेली बनी शिक्षिका अनामिका शुक्ला की नियुक्ति से लेकर प्रमाणपत्रों की जांच और मुकदमा दर्ज होने तक हर बात में सुस्ती बरती गई। अनामिका ने 31 दिसंबर को बागपत जिले में ज्वॉइन किया था, लेकिन प्रमाणपत्रों की जांच की चिट्ठी दो फरवरी को लिखी गई। फैजाबाद की राम मनोहर लोहिया यूनिवर्सिटी से अभी तक जांच रिपोर्ट भी नहीं मिली है।
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अनामिका शुक्ला - फोटो : अमर उजाला
मैनपुरी की बताई गई अनामिका शुक्ला ने कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय बड़ौत में 31 दिसंबर 2019 को ज्वॉइन किया था। होली के त्योहार के मद्देनजर आठ मार्च को छुट्टी पर चली गई। 12 मार्च को उसने अपनी तबीयत खराब बताते हुए इस्तीफा व्हाट्सएप कर दिया था। खाता संख्या गलत होने के कारण जिले से उसे मानदेय नहीं मिला था। बालिका शिक्षा की जिला समन्वयक डॉ. संगीता शर्मा ने बताया कि ज्वॉइनिंग के बाद विभाग की ओर से दो फरवरी 2020 को राममनोहर लोहिया विश्वविद्यालय फैजाबाद को अनामिका के प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए भेजे गए थे। मगर अभी तक सत्यापन की रिपोर्ट नहीं मिली है। इस बारे में परियोजना निदेशालय को भी पत्र भेजकर अवगत कराया था।
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शिक्षिका अनामिका शुक्ला - फोटो : अमर उजाला
जांच के दायरे में कस्तूरबा स्कूलों का स्टाफ 
यह खेल सामने आने के बाद शासन ने प्रदेश के सभी कस्तूरबा विद्यालयों में कार्य करने वाले शैक्षिक/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के प्रमाण पत्रों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद ने औरैया व कानपुर को छोड़कर सभी जिलों में स्टाफ के प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बीएसए को पत्र भेजकर जिले के केजीबी विद्यालयों के स्टाफ के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट, स्नातक, बीएड, टीईटी आदि के अंक पत्र व प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड का सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं।

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अनामिका शुक्ला - फोटो : अमर उजाला
क्लास रूम, घर व मोबाइल में गुजरे ढाई माह
एक साथ 25 जिलों में नौकरी करने वाली महिला शिक्षक अनामिका नगर के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में नौकरी के दौरान किसी से अधिक बात नहीं करती थी।
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अनामिका शुक्ला मामला - फोटो : अमर उजाला
सूत्रों के अनुसार महिला शिक्षक अनामिका ने इस कार्यकाल में अपनी पहचान छिपाने का हरसंभव प्रयास किया। यहां तक की क्लास रूम में बच्चों को पढ़ाने के बाद सीधे अपने रूम में चली जाती थी। सूत्रों के अनुसार अनामिका ज्यादा बातें नहीं करती थी, वह अधिकतर अपने मोबाइल में व्यस्त रहती थी।

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