मेरठ के पल्लवपुरम क्षेत्र में हुए अग्निकांड के दौरान एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची। हालात गंभीर देख पुलिस ने घायलों को अपनी गाड़ियों से मोदीपुरम के एसडीएस ग्लोबल अस्पताल पहुंचाया। मामले में एंबुलेंस सेवा पर सवाल उठ रहे हैं।
मेरठ के पल्लवपुरम थाना क्षेत्र के कृष्णा नगर डौरली में रविवार देर रात हुए अग्निकांड के दौरान एंबुलेंस सेवा की बड़ी लापरवाही सामने आई। हादसे की सूचना देने के बाद भी एंबुलेंस समय पर मौके पर नहीं पहुंच सकी, जिसके कारण पुलिस को खुद ही घायलों को अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी उठानी पड़ी।
सूचना के बाद भी नहीं पहुंची एंबुलेंस
जानकारी के अनुसार रात करीब दो बजे मकान में आग लगने से घर के अंदर सो रहे 12 लोग धुएं की चपेट में आकर अचेत हो गए थे। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन काफी देर तक कोई एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इस दौरान घायलों की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी।
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मेरठ में अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने दिखाई तत्परता
मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिना देरी किए सभी घायलों को अपनी सरकारी और निजी वाहनों में बैठाकर मोदीपुरम स्थित एसडीएस ग्लोबल अस्पताल भिजवाया। पुलिस की तत्परता से ही सभी घायलों को समय पर उपचार मिल सका।
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मेरठ में अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
एंबुलेंस सेवा पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय पर पहल न करती तो और भी लोगों की जान जा सकती थी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अधिकारियों को दी गई जानकारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता घायलों की जान बचाना था, इसलिए उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। एंबुलेंस सेवा के देरी से पहुंचने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है और मामले की जांच की जा रही है।