रालोद मुखिया अजित सिंह व अन्य नेता
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बिजनौर लोकसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय लोक दल के सांसद रहे मुंशी रामपाल का कहना है कि चौधरी अजित सिंह के निधन से उन्होंने अपना एक सच्चा अभिभावक खो दिया। उनका कहना है कि चौधरी अजित सिंह अपनी बात के बहुत पक्के थे और गरीबों व मजदूरों और किसानों की लड़ाई को जीवन भर लड़ते रहे। उनका कहना है कि जितना सम्मान अजित सिंह ने उन्हें दिया उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। मुंशी रामपाल वर्तमान में राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय महासचिव और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी भी हैं।
पूर्व विधायक डॉ. अजय कुमार ने कहा कि आज किसान रो रहा है, एक युग समाप्त हो गया। अजित सिंह हमारे नेता हीं नहीं थें बल्कि हमारे परिवार के मुखिया थे। चौधरी अजित सिंह का निधन विशेषकर किसान परिवारों के लिए एक बड़ी क्षति है। यह मेरी निजी क्षति भी है। आजीवन किसानों के मुद्दों को हल करने के लिए प्रयासरत रहे। कोरोना महामारी ने चौधरी अजित सिंह को भी छीन लिया। विश्वनाथ प्रताप सिंह, पीवी नरसिंहराव और अटलबिहारी वाजपेयी के अलावा डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार में भी मंत्री रहे। कृषि के अलावा उन्होंने उद्योग, उड्डयन सहित कई विभाग संभाले। अजित सिंह को भी किसानों के ऐसे हमदर्द के रूप में याद किया जाता रहेगा, जो हमेशा उनके लिए चिंतित रहे और प्रयासरत भी रहे।