फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन की मौत: सुधीर ने कड़ी मेहनत से पाई थी अफसर की जॉब, पलभर में उजड़ गई दुनिया, दर्दनाक हैं हादसे की तस्वीरें

Wed, 28 Dec 2022 08:54 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
विज्ञापन
1 of 6
सड़क हादसे में मौत - फोटो : अमर उजाला
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसे में जिन तीन युवकों की जान गई हैं, उनमें ईओ लावड़ सुधीर सिंह भी शामिल थे। बताया गया कि सुधीर सिंह ने कड़ी मेहनत से अफसर की जॉब पाई थी और इसी साल उन्होंने PCS की परीक्षा भी पास की थी। वहीं हादसे में पल भर ही उनकी दुनिया उजड़ गई।

बताया गया कि उन्हें बतौर ईओ लावड़ में पहली तैनाती मिली थी। सितंबर 2018 में उन्होंने यहां ज्वॉइन किया था। इसके बावजूद वह ऊंची पोस्ट के लिए तैयारी कर रहे थे। नौकरी मिलने के पहले वह बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग देते थे।
विज्ञापन

2 of 6
क्षतिग्रस्त कार - फोटो : अमर उजाला
वहीं अधिशासी अधिकारी की मौत की सूचना से नगर पंचायत में मातम पसर गया। साथी कर्मचारियों ने बताया कि मूलरूप से लखनऊ निवासी ईओ सुधीर सिंह ने कोचिंग पढ़ाने के दौरान ही उनका चयन अधिशासी अधिकारी पद के लिए हुआ। ट्रेनिंग के बाद लावड़ नगर पंचायत में पहली तैनाती मिली। वह मेरठ में आईजी कार्यालय के पास सरकारी क्वार्टर में रहते थे। उनके भाई डॉ. सुधाकर सिंह लखनऊ में चिकित्सक हैं। उनके साथ कार में मवाना खुर्द निवासी असलम व भगवानपुर चट्टावन निवासी तनुज तोमर भी थे।
विज्ञापन

3 of 6
क्षतिग्रस्त कार - फोटो : अमर उजाला
मेधावी छात्र रहे थे ईओ 
सुधीर सिंह पढ़ाई में बहुत तेज थे। उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में अधिशासी अधिकारी की नौकरी प्राप्त कर ली थी। लावड़ में तैनाती के दौरान वह पीसीएस की तैयारी करते रहे। पीसीएस परीक्षा भी उन्होंने पहले ही प्रयास में पास कर ली थी। 

4 of 6
क्षतिग्रस्त कार - फोटो : अमर उजाला
कई नगर पंचायत का संभाला कार्यभार
ईओ के पास फलावदा व बहसूमा नगर पंचायत की भी जिम्मेदारी रही। हाल ही में उन्हें सिवालखास व हर्रा का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था। लिपिक असलम के पास भी लावड़, हर्रा व खिवाई नगर पंचायत का अतिरिक्त कार्यभार था। तनुज तोमर सरकार के स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत जिला कोर्डिनेटर (डीसी) का कार्य देख रहे थे। 
विज्ञापन

5 of 6
Accident - फोटो : Amar ujala
दुर्घटना का शिकार हुए लिपिक असलम गांव मवाना खुर्द के रहने वाले थे। असलम चार भाइयों में दूसरे नबंर के थे। बड़े भाई असरफ बाहर नौकरी करते हैं, जबकि असलम से छोटा असरफ गांव में बैटरी की दुकान चलाते हैं। सबसे छोटा भाई अरशद नगर पंचायत हर्रा में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। असलम के दो पुत्र अर्स (14) व उजैस (13) मेरठ में आरके इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ते हैं। तीसरा पुत्र आदिल तीन वर्ष का है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
सुधीर सिंह की फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
चार साल के बेटे को छोड़ गए तनुज
हादसे शिकार हुए तनुज तोमर पुत्र नक्षत्रपाल तोमर गांव भगवानपुर चट्टावन के रहने वाले थे। वह भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिला समन्वयक के पद पर कार्यरत थे। तनुज की छह वर्ष पूर्व सपना से शादी हुई थी। उनका चार वर्ष का एक बेटा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें