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Yamuna Expressway Accident: रूह कंपा देने वाला मंजर...जली गाड़ियां, अधजली लाशें और बसों में से निकले नर कंकाल

Tue, 16 Dec 2025 08:01 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे के बाद का मंजर रूह कंपा देने वाला था। वाहनों में लगी आग बुझ गई थी। इसके बाद जो दृश्य दिखाई दिया, इसे देखकर लोगों की चीख निकल गई। कई वाहनों में शव कंकाल में तब्दील हो चुके थे। उन्हें बाहर निकलने तक का माैका नहीं मिला था।
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मथुरा हादसा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे के बाद का मंजर रूह कंपा देने वाला था। पूरी तरह जल चुकीं बसों के ढांचों से पुलिस व फायर कर्मियों ने अधजली लाशें निकालीं। कई बसों में नर कंकाल ही निकल सके। माइलस्टोन 127 पर पानी और राख बिखरी पड़ी थी।

एक्सप्रेस वे पर दुर्घटनास्थल पर हादसे के कई घंटे बाद भी मंजर झकझोरने वाला था। ज्यादातर घायलों को अस्पतालों में भेजा जा चुका था। फायर ब्रिगेड, पुलिस-एसडीआरएफ और अन्य बचाव दल के सदस्य बसों के ढांचों से अधजले शव और कुछ कंकालों को समेटकर पुलिस ने पोस्टमार्टम गृह भिजवाया। 

 
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मथुरा हादसा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कंकाल में तब्दील यात्रियों से साफ है कि बसों में लगी आग इतनी भीषण हो गई कि कई यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका। आग बुझाने का काम देरी से शुरू किया जा सका। अगर दमकलों ने जल्द आग पर काबू पा लिया होता यात्रियों के शव कंकाल में तब्दील नहीं होते। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि बसों में उठती आग की लपटों के कारण किसी को उनके पास जाने की हिम्मत नहीं हुई। फायर कर्मियों ने आग बुझाने के बाद ही अधजले शव और कंकाल ही निकाले।

 
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मथुरा हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीएम और एसएसपी के पास आते रहे फोन
सड़क हादसे में घायल लोगों से मुलाकात करने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार उनसे हाल जान रहे थे। इसी बीच जिलाधिकारी के मोबाइल पर कॉल आई और वे बात करने के लिए वार्ड के बाहर एक कोने में चले गए। कुछ देर बाद उन्होंने फिर से घायलों से बात करना शुरु की, लेकिन ठीक पांच मिनट के बाद फिर से उनके मोबाइल पर कॉल आ गया। इस बार वे बात करने के लिए शौचालय में चले गए। बलदेव में हुए सड़क हादसे को लेकर मोबाइल पर कॉल आने का यह सिलसिला लगातार जारी रहा और हर बार वे जवाब देते नजर। यही हाल एसएसपी श्लोक कुमार का रहा। उनके पास भी कॉल आते रहे।

 

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मथुरा हादसा - फोटो : PTI
एक दर्जन से अधिक एंबुलेंस से घायलों को पहुंचाया अस्पताल
बलदेव में हुई दुर्घटना की जानकारी मिलते ही सीएमओ डॉ. राधावल्लभ टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। इसके साथ ही एक दर्जन से अधिक एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और घायलों को लेकर अस्पताल की ओर दौड़ीं। इधर, बलदेव सीएचसी प्रभारी अपने स्टाफ के साथ मौके पर आ गए। सीएमओ की देखरेख में चिकित्सकों ने शवों को पोस्टमार्टम और घायलों को जिला अस्पताल, वृंदावन सौ सैया अस्पताल भेजा। गंभीर घायलों को यहां से आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। 

 
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मथुूरा हादसा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सीएमओ डॉ. राधावल्लभ ने बताया कि मलेरिया अधिकारी डॉ. गोपाल गर्ग ने जिला अस्पताल, वृंदावन सौ सैया अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस तीनों स्थानों पर मोर्चा संभाला। वहीं डॉ. अनुज चौधरी वृंदावन सौ सैया अस्पताल में घायलों का उपचार कराते रहे। दुर्घटना के बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे शवों के पंचनामा की जिम्मेदारी सदर थाना प्रभारी निरीक्षक अश्विनी सिंह ने संभाली। सदर थाना प्रभारी के नेतृत्व में आधा दर्जन से अधिक उप निरीक्षक दुर्घटना में मरने वालों के शवों का पंचनामा भरने में लगे रहे। इसके साथ ही परिजन से शवों की शिनाख्त और गुमशुदा यात्रियों के परिजन को शवों को दिखाने की जिम्मेदारी भी उन्होंने ही संभाली।

 
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मथुरा हादसा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक्सप्रेसवे पर हुआ था भीषण हादसा
यमुना एक्सप्रेस वे पर मंगलवार तड़के घने कोहरे में बलदेव स्थित माइलस्टोन 127 के पास भीषण हादसा हुआ। सात डबल डेकर और एक रोडवेज सहित आठ बसें और तीन कारों की टक्कर के बाद आग लग गई। आठों बसें जलकर राख हो गईं। वहीं चार अन्य डबल डेकर बसें क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे में 13 यात्रियों की मौत हो गई जिनमें से अधिकांश जिंदा जल गए। 100 से ज्यादा घायल हैं। कई यात्री बसों में ही कोयले सरीखे बदल गए। 15 दमकलों ने दो घंटे में आग पर बमुश्किल काबू पाया। मृतकों की शिनाख्त के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। घायलों को मथुरा, वृंदावन और आगरा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजन को दो-दो लाख, घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। मृतकों में रेलवे बोर्ड के सदस्य भाजपा नेता प्रयागराज निवासी अखिलेंद्र प्रताप यादव भी शामिल हैं।

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