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Expressway Accident: दर्द से कराहते लोग, अपनों को ढूंढती आंखें...पोस्टमार्टम गृह में लाशों काे देख निकल गई चीख

Tue, 16 Dec 2025 07:33 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे के बाद अब लोग अपनों की तलाश में लगे हैं। अस्पताल से लेकर पोस्टमार्टम गृह तक आंखें अपनों को ढूंढ रही हैं। परिजनों की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे। हादसे में अब तक 13 लोगों की माैत हो चुकी है। 
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मथुरा हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा में यमुना एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे ने हर किसी की आंखों को नम कर दिया है। ह्दय विदारक हादसे में अपनों को खो देने वाले उनकी तलाश में आगरा से मथुरा तक भटक रहे हैं। जो अस्पतालों में नहीं मिले उन्हें पोस्टमार्टम गृह में तलाश जा रहा है। पोस्टमार्टम गृह में रखे शवों के बैग देखकर लोगों की चीखें निकल रही हैं। दहाड़े मार-मारकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से अपनों की जानकारी मांग रहे हैं।

 
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अपनों की तलाश करते परिजनों के नहीं रुके आंसू। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कानपुर, गोविंद नगर के रहने वाले उमाकांत के पुत्र अनुज श्रीवास्तव (32) ईवेंट कंपनी चलाते थे। वह साथी के साथ दिल्ली जा रहे थे। इस हादसे के बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका है। भाई शुभम और उनकी पत्नी तलाश में लगे हैं।

 
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मथुरा हादसा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आंबेडकरनगर के टांडवा जलाल के रहने वाले सुनील कुमार रोडवेज की बस लेकर आजमगढ़ से दिल्ली जा रहा था। साथ में एक अन्य चालक रामअवधराम और परिचालक गिरीश शर्मा थे। बस में 46 सवारियां बैठी थीं। क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल ने बताया कि सुनील का कोई पता नहीं चल रहा है। उसका फोन बंद है। हादसे में कंडक्टर के बैग में रखे 58 हजार रुपये और दस्तावेज खाक हो गए हैं जबकि गिरीश और रामअवध राम घायल हैं। राम अवधराम का एसएन मेडिकल कॉलेज इलाज चल रहा है।
 

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मथुरा हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर राठ निवासी गोविंद की पत्नी पार्वती (32) नोयडा जा रहीं थीं। उसके पति और बेटे पार्वती की तलाश में भटक रहे हैं। रेपरा बांदा के देवराज अपने बेटे रिषभ 15 वर्ष के साथ दिल्ली मजदूरी करने जा रहा था। हादसे में उनका बेटा लापता है। आगरा, वृंदावन और मथुरा के जिला अस्पताल और पोस्टमार्टम गृह में वे तलाश रहे हैं, लेकिन रिषभ का कोई पता नहीं चल रहा है।

 
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मथुरा हादसा - फोटो : PTI
एक्सप्रेसवे पर हुआ था भीषण हादसा
यमुना एक्सप्रेस वे पर मंगलवार तड़के घने कोहरे में बलदेव स्थित माइलस्टोन 127 के पास भीषण हादसा हुआ। सात डबल डेकर और एक रोडवेज सहित आठ बसें और तीन कारों की टक्कर के बाद आग लग गई। आठों बसें जलकर राख हो गईं। वहीं चार अन्य डबल डेकर बसें क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे में 13 यात्रियों की मौत हो गई जिनमें से अधिकांश जिंदा जल गए। 100 से ज्यादा घायल हैं। कई यात्री बसों में ही कोयले सरीखे बदल गए। 15 दमकलों ने दो घंटे में आग पर बमुश्किल काबू पाया। मृतकों की शिनाख्त के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। घायलों को मथुरा, वृंदावन और आगरा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजन को दो-दो लाख, घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। मृतकों में रेलवे बोर्ड के सदस्य भाजपा नेता प्रयागराज निवासी अखिलेंद्र प्रताप यादव भी शामिल हैं।


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