ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए भीड़ बढ़ने के दौरान वीआईपी को अलग से दर्शन कराने के लिए 12 वर्ष पूर्व वीआईपी गैलरी बनाई गई थी, लेकिन यहां आम श्रद्धालु भी वीआईपी बनकर दर्शन करने पहुंचने लगे हैं।
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बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
मथुरा के वृंदावन में विशिष्ट श्रद्धालुओं के लिए बनी वीआईपी गैलरी भी अपने आप में मुसीबत से कम नहीं है। हालात ये हैं कि इस गैलरी का प्रयोग वीआईपी लोगों के लिए ही किया जाना होता है, जबकि मंदिर की सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मी एवं सेवायत अपने-अपने स्तर से इस गैलरी का प्रयोग करते हैं। जिससे मंदिर की दर्शन व्यवस्था में काफी व्यवधान उत्पन्न होता है। हादसों का कारण भी बनता है। मंगला आरती के समय हुए हादसे के बाद भी वीआईपी गैलरी से दर्शन कराने को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।
वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए भीड़ बढ़ने के दौरान वीआईपी को अलग से दर्शन कराने के लिए 12 वर्ष पूर्व वीआईपी गैलरी बनाई गई थी, लेकिन यहां आम श्रद्धालु भी वीआईपी बनकर दर्शन करने पहुंचने लगे। इसके बाद मंदिर प्रबंधन ने वीआईपी गैलरी से दर्शन करने के लिए सौ रुपये की रसीद कटवाने का प्रावधान रखा, फिर क्या यह मंदिर सेवायतों और कर्मचारियों के लिए फायदे का सौदा बन गया। अब कोई भी सौ रुपये की रसीद कटवाकर पहुंच जाता है वीआईपी गैलरी में। यह चलन लगातार बढ़ रहा है।
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बांकेबिहारी मंदिर से निकलते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
बताया जा रहा है कि कई सेवायत अपने चहेतों को बिना रसीद कटवाए ही वीआईपी गैलरी से दर्शन कराते रहे हैं और आज भी यह व्यवस्था बदस्तूर जारी है।
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बांकेबिहारी मंदिर में हादसा
- फोटो : अमर उजाला
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रात मंगला आरती के दौरान भी कई ने इसी वीआईपी गैलरी में उस समय दर्शन किए थे, जब मंदिर में तिल भर स्थान नहीं था। हादसे के बाद यह जानकारी लोगों में साझा हो रही है।
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बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
जिस समय हादसा हुआ, उस समय मंदिर की वीआईपी गैलरी भी श्रद्धालुओं से खचाखच भरी हुई थी, जबकि चंद लोगों ने ही वीआईपी दर्शन करने के लिए रसीद कटवाई थी।