वृंदावन कोर्टयार्ड मॉल में ढलाई के दौरान अचानक शटरिंग और सामग्री भरभराकर गिर गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मृतकों में पश्चिम बंगाल के आलम और रिफ्यूल तथा नेपाल के शिवराम शामिल हैं; परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है।
वृंदावन के निर्माणाधीन ओमेक्स कोर्टयार्ड मॉल में शुक्रवार सुबह चल रहा निर्माण कार्य अचानक चीख-पुकार में बदल गया। कुछ मिनट पहले तक जहां मजदूर निर्माण कार्य में जुटे थे, वहीं अचानक शटरिंग भरभराकर नीचे आ गिरी। देखते ही देखते भारी शटरिंग और मलबे के नीचे चार मजदूर दब गए। हादसा होते ही मौके पर अफरातफरी मच गई। साथी मजदूर और आसपास मौजूद लोग मदद के लिए दौड़े, लेकिन भारी मलबे के कारण दबे लोगों को बाहर निकालना आसान नहीं था।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। राहत और बचाव कार्य शुरू कराया गया। शटरिंग के नीचे दबे मजदूरों तक पहुंचने के लिए मलबा हटाने और लोहे के भारी हिस्सों को अलग करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। बचाव दल ने कड़ी मेहनत के बाद मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास किया। हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया।
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वृंदावन हादसे की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
काम बंद, मौके पर मची अफरातफरी
हादसे के बाद निर्माण स्थल पर काम पूरी तरह रोक दिया गया। अचानक हुए हादसे से वहां मौजूद मजदूरों और कर्मचारियों में दहशत फैल गई। हादसे की खबर आसपास पहुंचते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटने लगे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और राहत कार्य में जुटे लोगों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया।
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वृंदावन हादसे की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
भारी शटरिंग के नीचे दबे मजदूर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निर्माणाधीन हिस्से में शटरिंग लगाकर ढलाई का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक शटरिंग का बड़ा हिस्सा नीचे आ गिरा। इसके साथ ही वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। शटरिंग और मलबा भारी होने के कारण राहत कार्य में भी दिक्कत आई। एक-एक हिस्से को हटाकर मजदूरों तक पहुंचने का प्रयास किया गया।
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वृंदावन हादसे की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
हादसे ने खड़े किए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
निर्माणाधीन मॉल में हुए इस हादसे ने निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। शटरिंग की मजबूती, उसे लगाए जाने के तरीके और निर्माण स्थल पर मजदूरों की सुरक्षा के लिए किए गए इंतजामों की भी जांच की जरूरत सामने आई है। हादसे के बाद मौके पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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वृंदावन हादसे की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
ओमेक्स के जनरल मैनेजर आरके जैन ने बताया कि रात आठ बजे से सुबह तक ढलाई का काम चल रहा था और इस दौरान 10 से 12 मजदूर काम कर रहे थे। उन्होंने स्वीकार किया कि अचानक हुए हादसे में चार मजदूर चपेट में आ गए, जिनमें से तीन की मृत्यु हो गई। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मॉल का निर्माण कार्य 7 अगस्त से शुरू हुआ था और इस परियोजना के तहत दो बेसमेंट, एक लोअर फ्लोर और ग्राउंड प्लस सात मंजिल की इमारत का निर्माण प्रस्तावित है।
मौके पर पहुंचे एसएसपी और जिलाधिकारी
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लोक निर्माण विभाग करेगा जांच
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि हादसे की गंभीरता को देखते हुए लोक निर्माण विभाग मामले की जांच करेगा। जांच में शटरिंग गिरने के कारणों के साथ निर्माण कार्य में अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों की भी पड़ताल की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि निर्माण स्थल पर तकनीकी मानकों के अनुरूप शटरिंग लगाई गई थी या नहीं और मजदूरों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए थे अथवा नहीं। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद हादसे के लिए जिम्मेदारी तय होने की उम्मीद है।