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UP: फरसा वाले बाबा की 400 गायों का क्या होगा? कहां से आएगा चारा?; जिलाधिकारी ने की बड़ी घोषणा

Sun, 22 Mar 2026 01:05 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

मथुरा में फरसा वाले बाबा के नाम से मशहूर गोभक्त चंद्रशेखर महाराज की माैत के बाद गोशाला के संचालन पर भी संकट खड़ा हो गया। आखिर गोशाला में 400 गायों के चारे-पानी की व्यवस्था कैसे होगी? इसको लेकर सभी के जहन में सवाल था। ऐसे में बाबा की अंत्येष्टि के दाैरान माैके पर जिलाधिकारी ने बड़ी घोषणा की। 
 
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फरसा वाले बाबा की माैत। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बरसाना के अजनौंख स्थित उस गोशाला में, जिसे चंद्रशेखर महाराज उर्फ फरसे वाले बाबा ने अपनी तपस्या और त्याग से जीवंत किया था, शनिवार को उनका पार्थिव शरीर पहुंचते ही पूरा वातावरण शोक और श्रद्धा से द्रवित हो उठा। सैकड़ों की संख्या में उमड़े गोभक्तों ने अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि दी। जिलाधिकारी ने बाबा की समाधि बनवाने और पुलिस चौकी की स्थापना करके उसका नामकरण बाबा के नाम पर करने की घोषणा की।

वर्षों तक जिस भूमि को बाबा ने गो सेवा की तपस्थली बनाया, उसी पवित्र स्थल पर उनकी अंतिम झलक पाने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर चेहरे पर वेदना थी और हर हृदय में एक ही भाव गो सेवा का एक अदम्य संकल्प आज देह से विलग हो गया। बाबा के निधन के उपरांत क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर आक्रोश की स्थितियां भी बनीं, किंतु गोशाला में पूरा वातावरण गहन संवेदना और संयम से परिपूर्ण रहा। हालांकि इसी बीच गोभक्तों ने प्रशासन के समक्ष कई मांगें रखीं और जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की बात पर अड़े रहे। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बरसाना पहुंचकर उनके समर्थकों से वार्ता की। सूचना पर जिलाधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों से वार्ता की। इस दौरान गोभक्तों ने बाबा के हत्यारों पर सख्त कार्रवाई, गो रक्षकों को शस्त्र लाइसेंस देने, गोशाला की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बाबा को सम्मान दिए जाने की मांग रखी। साथ ही हिरासत में लिए गए गोभक्तों की रिहाई का मुद्दा भी उठाया गया।

 
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फरसा वाले बाबा की माैत पर जुटी भीड़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिलाधिकारी ने लोगों को आश्वासन दिया कि अजनौंख स्थित गोशाला में बाबा की स्मृति में समाधि स्थल बनाया जाएगा और सुरक्षा के लिए वहां पुलिस चौकी भी स्थापित की जाएगी। इसके अलावा गो सेवकों को प्राथमिकता के आधार पर शस्त्र लाइसेंस दिए जाने की प्रक्रिया पर भी उचित कार्रवाई का भरोसा दिया गया। उनके नाम पर पुलिस चौकी खुलवाने का भी आश्वासन दिया। जब सैकड़ों गौवंश के मध्य बाबा का पार्थिव शरीर रखा गया, तो दृश्य अत्यंत मार्मिक हो उठा। जिन गायों की सेवा को उन्होंने अपने जीवन का परम धर्म माना, उन्हीं के सान्निध्य में उनकी अंतिम यात्रा प्रारंभ हुई। बाबा अमर रहें और गो माता की जय के उदघोषों से पूरा क्षेत्र गूंजायमान हो उठा। वैदिक विधि-विधान के साथ बाबा का अंतिम संस्कार संपन्न किया गया।
 
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बाबा की गोशाला। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गोशाला की गायों की देखरेख फिलहाल प्रशासन करेगा
जिलाधिकारी ने कहा कि गोशाला की करीब 400 गायों के चारे-पानी आदि की व्यवस्था फिलहाल प्रशासन करेगा। इसके लिए उन्होंने एसडीएम और बीडीओ को निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि गोशाला की गायों की देखरेख स्थानीय प्रशासन करेगा।

 

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फरसा वाले बाबा की मौत पर बवाल - फोटो : अमर उजाला
बाबा के शोक में बंद हुआ बरसाना बाजार, दी श्रद्धांजलि
फरसे वाले बाबा चंद्रशेखर महाराज के निधन की खबर जैसे ही बरसाना पहुंची, पूरे बाजार की रफ्तार थम गई। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों को बंद करके संत को भावभीनी श्रद्धांजलि दी, जिसने अपना पूरा जीवन गोसेवा के नाम कर दिया। बरसाना व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रवीण गोस्वामी की अपील पर व्यापारी स्वतः आगे आए और बिना किसी औपचारिकता के बाजार बंद कर दिया। यह बंद केवल एक निर्णय नहीं था, बल्कि उस अंतिम नमन की अभिव्यक्ति था, जो बाबा ने अपने जीवन से कमाया था। बंद दुकानों के बीच पसरा सन्नाटा साफ बता रहा था कि बरसाना ने केवल एक संत नहीं खोया, बल्कि अपना एक सहारा खो दिया है। यह बाजार बंद श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि उस सेवा, त्याग और विश्वास को अंतिम प्रणाम था, जिसने पूरे ब्रज को एक सूत्र में बांध रखा था।

 
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फरसा वाले बाबा की मौत पर बवाल - फोटो : अमर उजाला
सीएम ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश
छाता में गो सेवक की मौत की मौत के बाद हाईवे पर बवाल की घटना की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई। ईद के मौके पर गो सेवक की मौत की खबर सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल होने लगी। इस पर पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। ईद की नमाज हो चुकी थी, लेकिन इसके बाद खुफिया तंत्र चौकन्ना हो गया। जिलेभर में संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों में पुलिस की ड्यूटी लगाई गई। अधिकारियों ने संबंधित क्षेत्राधिकारियों से संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। बाजारों में भी निगरानी बढ़ाने को कहा गया। दूसरी ओर, सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी सतत निगरानी शुरू कर दी गई, ताकि किसी तरह की आपत्तिजनक पोस्ट नहीं कर दी जाए। 


 
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फरसा वाले बाबा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वृंदावन के संतों में उबाल
फरसे वाले बाबा की मौत से वृंदावन के संतों में आक्रोश है। वह घटना को लेकर बैठक करने पर विचार कर रहे हैं। पुलिस घटना को हादसा बता रही है लेकिन संतजन हादसे से इंकार कर रहे हैं। धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गाैड़ ने कहा कि फरसे वाले बाबा के साथ जो घटना हुई है वह संतों में आक्रोश पैदा करती है। इसमें जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। संघ की इस मामले में बृहद बैठक होगी, उसके आधार पर आंदोलन की राह तय की जाएगी। वहीं कथावाचक देवकीनंदन महाराज की भी वीडियो वायरल हुई, जिसमें उन्होंने भी घटना का विरोध करते हुए पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।

 
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बाबा की गोशाला। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसआईटी से कराई जाए जांच
फरसा वाले बाबा की मृत्यु पर बहुजन जनता दल (खोड़ावाल) पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल खोड़ावाल ने दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इसे महज सड़क दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए साजिश की आशंका जताई है। उन्होंने मांग की है कि घटना की एसआईटी से जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए। खोड़ावाल ने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द ही घटना का पर्दाफाश नहीं किया तो पार्टी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। 
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