यूपी के मथुरा जिले में फरसे वाले बाबा के नाम से मशहूर गोभक्त चंद्रशेखर महाराज की माैत के बाद बवाल हो गया। हाईवे पर चार घंटे तक प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच शह-मात का खेल चलता रहा। पुलिस किसी तरह से बाबा के शव को हटाने के प्रयास में लगी थी, जबकि प्रदर्शनकारी किसी भी कीमत पर बाबा के शव को नहीं ले जाने देना चाहते थे।
आगरा-दिल्ली हाईवे (एनएच-19) पर शनिवार को गोसेवक फरसे वाले बाबा के नाम से मशहूर गोभक्त चंद्रशेखर महाराज की मौत के बाद प्रदर्शनकारियों ने तकरीबन चार घंटे तक कब्जा जमाए रखा। दिल्ली से मथुरा की ओर आ रहे वाहन चालकों के साथ अभद्रता की। पथराव में कई वाहनों के शीशे भी टूटे। इसके बाद लंबा जाम लग गया। गाड़ियों में सवार लोग भूखे-प्यासे फंसे हुए जाम खुलने का इंतजार करते रहे। जाम में गाड़ियों में फंसे बच्चों का बुरा हाल हो गया। आसपास का बाजार बंद होने से भी कुछ खान-पान का सामान नहीं मिला।
उग्र प्रदर्शनकारियों ने हाईवे पर चल रहे वाहनों पर जमकर पथराव किया। इस पथराव में दर्जनों निजी वाहनों के शीशे और खिड़कियां टूट गईं। जाम में फंसे सैकड़ों यात्रियों के लिए यह किसी बुरे सपने जैसा था। दिल्ली से आगरा अपने परिवार के साथ छुट्टियां मनाने जा रहे अरविंद पटेल ने बताया कि वह कई घंटे जाम में फंसे रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ में से कुछ अराजक तत्वों ने उनके वाहन के टायर की हवा निकाल दी, जिससे उनका परिवार दहशत में आ गया।
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बवाल से हाईवे पर लगा जाम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दिल्ली के वसंत विहार निवासी अमजद अली परिवार के साथ ईद मनाने के लिए आगरा जाने को निकले थे, लेकिन छाता में हाईवे पर फंस गए। उनका कहना था कि उन्हें ताजमहल, आगरा किला आदि घूमना था, अपने रिश्तेदारों के यहां भी जाना था। यहां बच्चों को खाने पीने का सामान तक नहीं मिला। उनका प्लान था कि मथुरा में ढाबे पर खाना खाएंगे मगर यहां तीन घंटे तक फंसकर रह गए। फरीदाबाद (हरियाणा) से मथुरा-वृंदावन दर्शन के लिए निकले एक अन्य यात्री ने बताया, हम सुबह 6 बजे घर से निकले थे और 8 बजे से इस जाम में फंसे हुए हैं। 3 घंटों में कई किलोमीटर लंबा जाम लग चुका है और आगे बढ़ने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है। 2 घंटे का रास्ता 6 घंटे में भी तय नहीं हो सका। इसी तरह करीब दो दर्जन से ज्यादा श्रद्धालुओं की गाड़ियां भी जाम में फंसी थी, जोकि वृंदावन और मथुरा में दर्शन करने के लिए आ रहे थे।
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जाम के चलते लोग हुए परेशान।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हत्या करने का लगाया आरोप
फरसे वाले बाबा के नाम से मशहूर गोभक्त चंद्रशेखर महाराज (57) की मौत के बाद समर्थकों ने आगरा-दिल्ली एनएच 19 पर शव रखकर जाम लगा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि गोतस्करों ने ट्रक से कुचलकर बाबा की हत्या कर दी। दर्जनभर से ज्यादा वाहनों और चौकी में तोड़फोड़ करने के साथ ही जमकर पथराव किया गया। इसमें 15 से अधिक पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठियां भांजकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। चार घंटे तक चले बवाल के बाद पुलिस ने हाईवे पर लगे जाम को खुलवाया। उधर पुलिस का कहना है कि यह हत्या नहीं है। एक दुर्घटना है और जिस ट्रक की चपेट में आकर बाबा की मौत हुई है, उसके चालक की भी मौत हो गई है।
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बवाल में पुलिस के तोड़े वाहन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मूल रूप से फिरोजाबाद के सिरसागंज निवासी चंद्रशेखर महाराज (57) बरसाना के गांव आजनौख में गोशाला का संचालन करते थे। उनके समर्थकों ने बताया कि बाबा को सूचना मिली थी कि गोवंश से भरा एक ट्रक कोसीकलां क्षेत्र में हाईवे से होकर गुजरेगा। इस पर शनिवार तड़के करीब चार बजे बाबा चंद्रशेखर अपने पांच समर्थकों के साथ दो बाइकों पर सवार होकर हाईवे पर कंट्री होटल के सामने ट्रकों को रोककर चेक कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि जब नागालैंड के नंबर के ट्रक के पीछे चढ़कर चेक कर रहे थे तभी पीछे से तेज गति से आए राजस्थान नंबर के एक ट्रक ने उन्हें रौंद दिया। हादसे में बाबा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ट्रक चालक अलवर निवासी खुर्शीद की भी मौत हो गई। वहीं उनके समर्थकों का आरोप था कि बाबा गो तस्करों की गाड़ी का पीछा कर रहे थे, तस्करों की गाड़ी ने उन्हें रौंद दिया।
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मथुरा बवाल।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसे की सूचना पर पुलिस बाबा के शव को बठैनगेट पुलिस चौकी ले आई। उधर, सूचना आजनौख पहुंची तो बाबा के समर्थक चौकी पहुंच गए और शव को लेकर आजनौख पहुंचे। उसके बाद सुबह 7: 45 बजे शव को छाता में हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। चूंकि शनिवार को ईद भी थी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गोवर्धन परिक्रमा कर रही थीं तो ज्यादातर पुलिस बल उधर जुटा था। बाकी पुलिस तत्काल मौके की ओर रवाना हुई। कुछ ही देर में बाबा की मौत की खबर फैली तो गांव बिसावा, खायरा, भदावल, रनवारी, सांखी सहित आसपास के सैकड़ों ग्रामीण हाईवे पर जमा हो गए। उन्होंने वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों को समझाने के लिए एडीएम (प्रशासन) अमरेश कुमार, एसपीआरए सुरेशचंद्र रावत पहुंचे मगर बात नहीं बनी। कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी ने भी मौके पर पहुंचकर समझाया मगर लोग नहीं माने।
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ईद पर मथुरा में बवाल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
समझाने पहुंचे हिंदूवादी नेताओं को भी प्रदर्शनकारियों ने नहीं बख्शा, उनके साथ मारपीट कर दी। इसके बाद पुलिस ने शव ले जाने की कोशिश की तो लोग भड़क उठे और पथराव शुरू कर दिया। एडीएम प्रशासन, एसडीएम सहित अन्य पुलिस प्रशासनिक अफसरों की गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए। पुलिस ने खदेड़ने की कोशिश की तो उन पर भी पथराव शुरू कर दिया। फोर्स कम होने के कारण लोग काबू में नहीं आ सके। उन्होंने छाता पुलिस चौकी में तोड़फोड़ की। इस दरम्यान हाईवे पर लंबा जाम लगा रहा। डीआईजी शैलेश पांडेय फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और प्रदर्शनकारियों पर लाठियां भांजकर धरपकड़ शुरू की तो वे गांवों की तरफ भाग निकले। पुलिस ने 30 से ज्यादा आरोपियों को हिरासत में ले लिया। इसी बीच पुलिस ने शव को बरसाना में आजनौख पहुंचा दिया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। दोपहर 12 बजे हाईवे पर वाहनों का आवागमन शुरू किया गया। उधर एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि गोतस्करी का मामला नहीं है। बाबा जिस वाहन को चेक कर रहे थे वह किराना के सामान का कंटेनर था। पीछे से आए एक दूसरे वाहन की चपेट में आने से बाबा की मौत हो गई।
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मथुरा में बवाल।
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हाईवे किनारे लावारिस मिली दर्जनों मोटरसाइकिलें जब्त
गो सेवक बाबा चंद्रशेखर दास महाराज की मृत्यु के बाद उपजे जनाक्रोश ने शनिवार को हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प और पथराव के बाद पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाया, जिसमें हाईवे किनारे लावारिस हालत में मिलीं मोटरसाइकिलों को जब्त कर छाता कोतवाली पहुंचाया गया। हंगामा शांत होने के बाद नेशनल हाईवे-19 के किनारे दर्जनों मोटरसाइकिलें लावारिस हालत में खड़ी मिलीं। पुलिस ने इन सभी संदिग्ध और लावारिस वाहनों को छाता कोतवाली परिसर में खड़ा करवा दिया है। पुलिस अब इन वाहनों के नंबरों के आधार पर उनके मालिकों की पहचान कर रही है, ताकि पथराव और बवाल में शामिल लोगों को चिह्नित किया जा सके।
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मथुरा बवाल।
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चार घंटे तक चला शह-मात का खेल
आगरा-दिल्ली हाईवे (एनएच-19) पर करीब चार घंटे तक प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच शह-मात का खेल चलता रहा। पुलिस किसी तरह से बाबा के शव को हटाने के प्रयास में लगी थी, जबकि प्रदर्शनकारी किसी भी कीमत पर बाबा के शव को नहीं ले जाने देना चाहते थे। इसी जद्दोजहद ने संघर्ष करवाया। पुलिसकर्मियों को प्रदर्शनकारियों ने पथराव करके कई बार खदेड़ा, लेकिन पुलिसकर्मी भी कभी टीयर गैस छोड़कर तो कभी डंडे फटकार कर आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। सुबह करीब 7 बजे प्रदर्शनकारी बाबा के शव को लेकर हाईवे पर पहुंचे और जाम लगा दिया। यहां प्रदर्शनकारियों की मागों को स्वीकार करते हुए अधिकारियों ने गोसेवकों को शस्त्र लाइसेंस दिलाने का आश्वासन दिया। इससे कुछ लोग तो मान गए पर अन्य कुछ लोगों ने आरोप लगाना शुरू कर दिया कि सेटिंग कर ली। बस फिर क्या था। हंगामा खड़ा हो गया। देखते ही देखते प्रदर्शनकारी आगबबूला हो उठे और हाईवे पर हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो मामला और बिगड़ गया। अचानक पथराव शुरू हो गया और सबसे पहले अधिकारी व पुलिसकर्मियों के वाहनों पर पत्थर बरसाए गए। हैरत की बात रही कि पथराव में कुछ महिलाएं भी शामिल रहीं। प्रदर्शनकारियों ने पत्थर बरसाकर पुलिसकर्मियों को दूर तक दौड़ाया। इसमें 27 से अधिक पुलिसकर्मी व अन्य लोग चोटिल हो गए।
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हाईवे पर जुटी भीड़।
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आनन-फानन भेजा अस्पताल
कई पुलिसकर्मियों को चोट लगने के कारण आनन-फानन अस्पताल भेजा गया। साथ ही मौके की ओर एंबुलेंस, फायर बिग्रेड आदि गाड़ियां रवाना की गईं। इधर-उधर के थाना क्षेत्रों से भी पुलिस बल बुलाया गया, लेकिन इस दौरान स्थिति बिगड़ चुकी थी। दर्जनों से ज्यादा वाहन तोड़े जा चुके थे और कई लोगों को बुरी तरह चोट लग गई थी।
दक्ष चौधरी समेत 13 गिरफ्तार, सरकारी कार्य में बाधा व अफवाह फैलाने की प्राथमिकी दर्ज
गोसेवक फरसे वाले बाबा की मौत के बाद छाता जा रहे गोसेवक दक्ष चौधरी समेत 13 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और अफवाह फैलाने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि दक्ष चौधरी अपने समर्थकों के साथ छाता जा रहे थे। सभी को नौहझील पुलिस ने रास्ते में रोककर गिरफ्तार किया गया। इस दौरान सभी ने विरोध किया, लेकिन पुलिस ने सभी को जीप में बैठाया और थाने लेकर पहुंचे। साथ ही एसएसपी श्लोक कुमार ने लोगों ने अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वाली पोस्ट शेयर न करें।
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हिरासत में लिए आरोपी।
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24 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, पूछताछ
नेशनल हाईवे-19 पर गो सेवक बाबा चंद्रशेखर दास महाराज के शव को रखकर किए गए हंगामे और पथराव के मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपना लिया है। मौके पर की गई घेराबंदी के आधार पर पत्थरबाजी में शामिल कई लोगों को चिह्नित कर हिरासत में ले लिया है। हाईवे पर जाम खुलवाने के दौरान पुलिस बल पर हुए हमले के बाद प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों की आड़ में पथराव करने वालों की धरपकड़ शुरू कर दी। पुलिस ने शाम तक 24 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। छाता कोतवाली में इनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पूछताछ भी की जा रही है। पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस पर पथराव करने वालों को चिह्नित कर रही है।
होगी सख्त कार्रवाई
डीआईजी, आगरा रेंज शैलेश पांडेय ने बताया कि सड़क दुर्घटना में बाबा की मौत हुई है। इसमें मुकदमा लिखा गया है, वहीं हाईवे पर बवाल, तोड़फोड़ और पुलिस पर पथराव करने वालों को चिह्नित करके एफआईआर दर्ज की जाएगी। दोनों मामलों में पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। जिलाधिकारी सीपी सिंह ने गांव में जाकर ग्रामीणों के सामने घोषणा की कि जहां बाबा का अंतिम संस्कार किया गया है, वहां उनका समाधि स्थल बनाया जाएगा। एसएसपी श्लोक कुमार ने कहा कि क्षेत्र में एक चौकी भी खोली जाएगी जो बाबा के नाम पर होगी।