नियति की क्रूरता जब कहर बनकर टूटती है, तो हंसते-खेलते संसार को राख में तब्दील कर देती है। हरियाणा के केएमपी (कुंडली-मानसर-पलवल) एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण हादसे ने मैनपुरी के किशनी क्षेत्र को ऐसा जख्म दिया है, जिसे समय का मरहम भी शायद कभी भर पाए। बुधवार को बिलखते मासूम और आंखों में पथराए सपनों के बीच मातम के साये में परिजन ने अपनों को अंतिम विदाई दी। चीखों से गांव चांदा, हविलिया और मुरगिया गूंज उठा। जिसने भी दर्द का यह मंजर देखा, उसकी आंखें नम हो गईं।