लखीमपुर खीरी के ग्रंट नंबर 12 गांव में शारदा नदी ने ऐसा कहर बरपाया, जिससे आधा गांव तबाह हो गया। अब तक दो मंदिर और 59 घर नदी में समा चुके हैं। सैकड़ों बीघा जमीन नदी में कट गई है।
विज्ञापन
1 of 5
शारदा नदी में समाया मंदिर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी जिले में शारदा नदी का जलस्तर घट रहा है, लेकिन कटान के कहर से ग्रंट नंबर 12 गांव के हालात और बदतर होते जा रहे हैं। सोमवार शाम से मंगलवार सुबह तक गांव के पांच मकान नदी में समा गए। कटान के कहर से गांव के संजय पुत्र श्रीपाल, कलावती पत्नी मेवा, पुष्पा देवी पत्नी राकेश, सर्वेश कुमार पुत्र शारदा प्रसाद और संकटा पुत्र बद्री बेघर हो गए। आंखों के सामने ग्रामीणों की जिंदगीभर की जमा-पूंजी शारदा में बह गई। ग्रामीणों के मुताबिक गांव के दो मंदिर और 59 मकान नदी में समा चुके हैं। उनकी सैकड़ों बीघा जमीन भी नदी लील गई है।
शारदा नदी में कटा मकान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कटान पीड़ित संजय ने बताया कि उनकी जमीनें पहले ही नदी में समा चुकी थीं, अब मकान भी उजड़ गया। मजबूरन परिवार को सड़क किनारे डेरा डालकर रहना पड़ रहा है। कलावती फफकते हुए बोलीं, न जान कौन-सी गलती की सजा हमें मिल रही है? कभी खुशहाल रहा गांव अब रोटी और छत दोनों से महरूम है।
विज्ञापन
3 of 5
शारदा नदी में कटा मकान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव के लोगों की पीड़ा यही है कि राहत के नाम पर उन्हें लंच पैकेट तो मिल रहे हैं, लेकिन सुरक्षित छत और जमीन की व्यवस्था कब होगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। नदी के कटान से हर कोई दहशत में है।
4 of 5
शारदा नदी में गिरे दो मकान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
स्कूलों में ताले, बच्चों की पढ़ाई ठप
बाढ़ और कटान ने बच्चों की पढ़ाई भी रोक दी है। खंड शिक्षा अधिकारी धर्मेश कुमार यादव ने बताया कि कंपोजिट स्कूल ग्रंट नंबर 12 में करीब 215 और मजरा केतकहिया के स्कूल में 100 बच्चे नामांकित हैं। दोनों ही स्कूल बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। फिलहाल शिक्षकों को निघासन बीआरसी पर उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
शारदा नदी में समाया शिव मंदिर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रामीणों की मांग- स्थायी समाधान हो
तहसीलदार मुकेश वर्मा ने बताया कि गांव वग्रंट नंबर 12 में अब तक करीब 12000 लंच पैकेट के साथ साथ 800 राहत किट वितरित करवा चुके हैं। वहीं राजस्व टीम के साथ क्षेत्रीय लेखपाल श्याम नन्दन मिश्रा गांव में ही कैंप किए हुए हैं। प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए हैं।