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पूरा परिवार खत्म: पहले पिता फिर दो बेटों ने दी जान, सुसाइड नोट में महिला सिपाही पर लगाए ये आरोप

Fri, 06 Dec 2024 07:05 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

लखीमपुर खीरी के बाबूपुर गांव में रामनरेश के बाद उनके दो पुत्रों ने भी आत्महत्या कर ली। दो दिन में पूरा परिवार खत्म हो गया। रामनरेश के छोटे बेटे ने सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें महिला सिपाही और उसके परिवार पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है।  
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मृतक भाइयों के फाइल फोटो, सुसाइड नोट - फोटो : अमर उजाला
लखीमपुर खीरी के थाना मैलानी क्षेत्र के बाबूपुर गांव में बुधवार रात बुजुर्ग के फंदा लगाकर आत्महत्या करने के बाद उनके दो पुत्रों सुधीर और मुकेश ने भी शुक्रवार को जान दे दी। लखनऊ में तैनात एक महिला सिपाही और उसके परिजनों पर प्रताड़ित करने का आरोप है। शुक्रवार को हुई घटना के बाद महिला सपाही समेत चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। घटना के पीछे मकान पर मालिकाना हक के विवाद को कारण बताया जा रहा है। मृतक और आरोपी पक्ष आपस में रिश्तेदार हैं।
 
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रामनरेश का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
थाना मैलानी की बांकेगंज पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम पंचायत ग्रंट नंबर 11 के बाबूपुर गांव में 60 वर्षीय रामनरेश ने बुधवार रात घर में ही फंदा लगाकर जान दे दी थी। इस घटना में मृतक के दोनों पुत्रों मुकेश और सुधीर ने डायल 112 लखनऊ में तैनात सिपाही आरती निगम व उसके परिजनों पर घर खाली करने का दबाव बनाने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। जिस पर पुलिस ने बृहस्पतिवार को सिपाही आरती समेत उसकी मां रामदेवी, बहन शशिबाला और भाई शिवम के विरुद्ध मुकदमा भी दर्ज कर लिया था।
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सुधीर का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बताया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह रामनरेश का छोटा पुत्र सुधीर (25 ) शौच जाने के लिए घर से बाहर निकला और गांव के बाहर निकली रेल पटरी पर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। इसकी जानकारी जब बड़े पुत्र मुकेश (28) को मिली तो उसने भी घर के अंदर फंदा लगाकर जान दे दी।

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सुधीर ने छोड़ा सुसाइड नोट - फोटो : अमर उजाला
सुधीर ने छोड़ा सुसाइड नोट 
सुधीर ने ट्रेन के सामने कूदने से पहले एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है। जिसमें उसने लिखा है कि उसके परिवार का महिला सिपाही आरती, उसकी मां रामदेवी, बहन शशिबाला और भाई शिवम से मकान को लेकर विवाद चल रहा था। महिला सिपाही लगातार उसके परिवार पर मकान खाली करने का दबाव बना रही थी। इसके कारण ही उसके पिता की जान चली गई और अब वह जान दे रहा है।
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इसी घर को लेकर था विवाद - फोटो : अमर उजाला
परिवार में अब कोई नहीं बचा 
दो दिन में पिता और दो पुत्रों के आत्महत्या कर लेने से गांव में मातम का माहौल है। अब मृतकों के परिवार में कोई नहीं बचा है। घटना की सूचना पाकर पहले एसडीएम गोला विनोद कुमार गुप्ता और सीओ गवेंद्र गौतम ने मौका मुआयना किया। उसके बाद एएसपी पश्चिमी नैपाल सिंह और फिर एसपी गणेश प्रसाद साहा भी गांव पहुंचे और जानकारी ली।
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गांव में पहुंची पुलिस फोर्स - फोटो : अमर उजाला
आरोपी पक्ष ने ही बसाया था 
एसपी गणेश प्रसाद साहा ने बताया कि दोनों पक्ष आपस में रिश्तेदार हैं। कई साल पहले आरोपी पक्ष ने ही मृतक रामनरेश को बाबूपुर में बसाया था। पहले सब कुछ ठीक था। पिछले कुछ समय से दोनों परिवारों में उस मकान को लेकर विवाद चल रहा था, जिसमें रामनरेश व उनका परिवार रह रहा था। सुलह के भी प्रयास हुए, पर बात बनी नहीं। अब जो घटना हुई हैं, उसकी जांच की जा रही है। चारों आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं।

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