यूपी के महाेबा जिले में एक अनाेखा मामला सामने अाया है। यहां तीन बच्चाें के बाद जब महिला ने एक बच्ची काे जन्म दिया ताे वह अपने पति के साथ इसकी शिकायत लेकर एसडीएम के पास जा पहुंची। शिकायत सुनने के बाद एसडीएम का भी सिर चकरा गया कि इस मामले में क्या किया जाए।
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डेमाे पिक
तहसील चरखारी के ग्राम टिकरी निवासी राकेश अहिरवार पुत्र हलके मेहनत मजदूरी करके किसी तरह परिवार का भरण पोषण कर रहा है। दो लड़का व एक लड़की के बाद राकेश की पत्नी कस्तूरी ने 26 नवंबर 2014 को जिला अस्पताल में नसबंदी कराई थी।
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नसबंदी के बाद भी कस्तूरी गर्भवती हो गई। 14 अप्रैल 2018 को उसे सीएचसी चरखारी में बच्ची को जन्म दिया जहां वाे कुछ समय पहले उसने नसबंदी कराई थी। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने और चौथा बच्चा हो जाने से माता पिता परेशान है। मंगलवार को कस्तूरी ने पति और नवजात बच्चे के साथ उपजिलाधिकारी चरखारी जंगबहादुर को शिकायती पत्र देकर डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
बताया कि नसबंदी कराने के बाद भी बच्ची पैदा होने से उसके भरण पोषण की व्यवस्था कराते हुए दोषी डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई कराई जाए। उन्होंने मामले में जांच का भरोसा दिया है। उधर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एस.के. वार्ष्णेय का कहना है कि कभी कभार ऐसे मामले सामने आते है। गर्भ ठहरने के बाद शिकायत करने पर सहायता का प्रावधान है। मामले की जांच कराई जाएगी।