बिकरू कांड में विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद से कॉल रिकॉर्डिंग वायरल होने का मामला अभी तक चल रहा है। इस बीच शहीद डीएसपी देवेंद्र मिश्र और एक पूर्व डीजीपी के बीच बातचीत की रिकॉर्डिंग वायरल हो रही है। पहले भी शहीद देवेंद्र मिश्र की कई कॉल रिकॉर्डिंग वायरल हुई हैं पर इस रिकॉर्डिंग ने एक बार फिर पूरे पुलिस महकमें में हड़कंप मचा दिया है।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
वायरल रिकॉर्डिंग में डीएसपी से पूर्व डीजीपी शहर में तैनात एक सीओ का नाम लेकर कहते हैं वो तो लूट रहा होगा। इस पर डीएसपी कहते हैं बहुत। यहीं पर वो सिपाही से सीओ हुए हैं। कानपुर में ही लगातार पोस्टिंग रही है। इसके अलावा बातचीत के दौरान शहर के एक पूर्व एसएसपी पर भ्रष्टचार का आरोप लगाया। इस दौरान पूर्व डीजीपी लखनऊ के एक प्रशासनिक अफसर के बारे में कहते हैं इस अफसर ने पूरा सिस्टम अपने हाथ में ले रखा है। अमर उजाला इस कॉल रिकॉर्डिंग की पुष्टि नहीं करता है।
आपको बता दें कि शहीद डीएसपी का मोबाइल वारदात के बाद से ही गायब है। पुलिस तीन महीने बाद भी यह पता नहीं कर पाई है कि आखिर रिकॉर्डिंग वायरल कौन कर रहा है। इसके लिए डीआईजी ने सर्विलांस टीम को लगाया है। मोबाइल के आईएमईआई नंबर को ट्रेस कर सर्विलांस टीम ने मोबाइल तक पहुंचने की जद्दोजहद शुरू कर दी है। जिसके पास मोबाइल होगा, उस पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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अभी तक जो दर्जनों रिकॉर्डिंग वायरल हुई हैं, उनमें डीएसपी की तत्कालीन एसएसपी, तत्कालीन एसओ चौबेपुर, एसपी ग्रामीण, एक पूर्व डीजीपी, जय बाजपेई की हैं। अभी भी रिकॉर्डिंग वायरल हो रही हैं। पुलिस अफसरों को शक है कि सोची समझी साजिश के तहत रिकॉर्डिंग वायरल की जा रही हैं। रिकॉर्डिंग का शोर शासन तक है, क्योंकि इसमें एक बड़े प्रशासनिक अफसर, पुलिस अफसरों तक का जिक्र है। डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह का कहना है कि गायब मोबाइल की तलाश शुरू कर दी गई है।
कहीं ऐसा तो नहीं
ऐसी रिकॉर्डिंग वायरल हो रही हैं, जिनसे किसी न किसी का लाभ है। वहीं किसी न किसी की छवि खराब हो रही है। आशंका ये भी है कि कहीं किसी ने मोबाइल से रिकॉर्डिंग का डाटा ट्रांसफर तो नहीं कर लिया। इसमें कुछ पुलिसकर्मियों पर भी शक है।