बिकरू में दो जुलाई की रात आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपियों को पुलिस एक-एक कर दबोच रही है। दहशतगर्द विकास दुबे के गनर अखिलेश दीक्षित को पुलिस ने बुधवार को चौबेपुर से गिरफ्तार कर लिया है। उस पर 50 हजार का इनाम घोषित था। विकास दुबे के साथ मिलकर अखिलेश ने अपनी लाइसेंसी राइफल से पुलिसकर्मियों पर गोलियां दागीं थीं।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
बिल्हौर सीओ संतोष कुमार सिंह ने बताया कि विवेचना के दौरान अखिलेश का नाम सामने आया था। वह रूरा (कानपुर देहात) के गुटैया का रहने वाला है। वह अधिकतर समय विकास के साथ ही रहता था। वारदात की रात विकास के साथ अखिलेश भी मौजूद थे। उसने अपनी राइफल से तीस-चालीस राउंड फायर कर पुलिसकर्मियों की हत्या की थीं।
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उसकी निशानदेही पर जंगल से उसकी लाइसेंसी राइफल बरामद की गई। फरारी के दौरान कई शहरों के साथ चित्रकूट में भी वह छिपा था। सीओ ने बताया कि अखिलेश पिछले साल पत्नी की हत्या में जेल गया था। इसी साल जून में वो जमानत पर छूटा था। तब से विकास दुबे के साथ साये की तरह रह रहा था। जमानत करवाने में विकास ने उसकी मदद की थी।
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बता दें कि दो जुलाई की रात को बिकरू गांव में विकास दुबे के घर दबिश देने पहुंची पुलिस की टीम पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। यूपी एसटीएफ ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए विकास दुबे सहित उसके पांच साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया था।
अभी तक पुलिस इस मामले में 21 लोगों को जेल भेज चुकी है। विकास के सात साथी सरेंडर कर चुके हैं। वहीं इस घटना में शामिल कुछ बदमाश अभी तक फरार चल रहे हैं। जिन्हें ढूंढने के लिए यूपी एसटीएफ की कई टीमें लगी हुई हैं।