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Vikas Dubey: पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा, कुल्हाड़ी नहीं गोली से अलग हुआ था सीओ का पैर, क्यों छिपा रही पुलिस

Tue, 21 Jul 2020 04:14 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा वाचस्पति पांडेय, अमर उजाला, कानपुर
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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
बिकरू कांड में शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा का दाहिना पैर कुल्हाड़ी से नहीं काटा गया, बल्कि गोली लगने से अलग हुआ था। इसका जिक्र पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किया गया था। इसके बाद भी एसटीएफ और जांच एजेंसियां यही मान रहीं थी कि पैर कुल्हाड़ी से काटा गया था। 

 
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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
दो जुलाई की देर रात बिकरू गांव में हुई मुठभेड़ में सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। तीन जुलाई को तीन डॉक्टरों के पैनल से पुलिसकर्मियों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया था। वीडियोग्राफी भी कराई गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सीओ के शरीर में दस इंजरी और आठ बुलेट (सीने, पेट, चेहरा और दाहिने पैर) आरपार निकलने का जिक्र गया था।



 
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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
पुलिस का तर्क था कि दहशतगर्द विकास ने खुन्नस में हत्या कर उनका पैर काट दिया। इस रिपोर्ट के जारी होने के बाद भी एसटीएफ और एजेंसियां यही बात कहती रहीं। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ-साफ लिखा गया था कि बुलेट लगने से सीओ का पैर अलग हुआ। सूत्रों के मुताबिक पूरे मामले की जांच को गठित न्यायिक आयोग के सामने एसएसपी कार्यालय में डॉक्टर को बुलाकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पढ़वाई गई। सच्चाई सामने आने पर पुलिस के हाथ पांव फूल गए। सवालों के घेरे में आई पुलिस अब मामले को दबाने में जुटी है।

 

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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
बिकरू गांव में पुलिस वालों को पास से मारी गईं गोलियां
विकास दुबे और उसके गुर्गों ने आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ था कि लगभग सभी पुलिसकर्मियों को पांच से लेकर दस गोलियां मारी गई थीं। फोरेंसिक एक्सपर्ट के मुताबिक सभी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में समान और बड़ी बात मिली थीं। दरअसल इन सभी को एक-दो फीट की दूरी से गोली मारी गईं। इससे स्पष्ट है कि छतों से गोलियां चलाकर पुलिस कर्मियों को घायल किया गया। भागने पर उनको दौड़ाकर पकड़ा गया और फिर उन पर गोलियां दागी गईं।

 
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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि राहुल की शिकायत पर बिकरू गांव में दो जुलाई की रात को विकास दुबे के घर दबिश देने गई पुलिस की टीम पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए। पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई कर विकास दुबे के पांच साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया।

 
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
वहीं यूपी एसटीएफ ने विकास के 12 साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नौ जुलाई की सुबह उज्जैन से कानपुर लाते समय विकास की कार पलट गई थी। इस दौरान उसने सिपाही की पिस्टल छीन कर भागने की कोशिश की पर पुलिस ने मुठभेड़ में विकास को भी मार गिराया था। इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी और जांच आयोग का गठन हुआ है।
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