सुप्रीम कोर्ट की जांच समिति के सामने मनु पांडेय ने एक बार फिर दो जुलाई की रात की दास्तां सुनाईं। मनु ने कहा कि आधे घंटे तक गोलियां तड़तड़ाती रहीं। पुलिसकर्मी जान बचाने को इधर-उधर भागते रहे थे लेकिन उनको किसी ने नहीं बख्शा। मेरे सामने तीन पुलिसकर्मियों को मार दिया।
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कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
घर के आंगन में सीओ को मारा गया। मनु ने बताया कि विकास दुबे ने प्रभात को उनके घर भेजा था। प्रभात ने कहा था कि शशिकांत (मनु के पति) और प्रेम प्रकाश पांडेय (मनु के ससुर) को विकास ने बुलाया था। इस पर मनु ने फोन कर दोनों को बुलाया।
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विकास दुबे एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
मनु ने बताया कि विकास ने अपने पचास से अधिक साथियों को इकट्ठा कर रखा था। पास में सैकड़ों असलहे थे। प्रभात मिश्र की छत पर सबसे अधिक लोग थे। प्रेम प्रकाश भी यहीं था। सबसे अधिक गोलियां यहीं से चलाई गईं थीं।
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कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
मनु ने बताया कि जब सीओ देवेंद्र मिश्र भागर उनके घर में छिप गए थे तो विकास दुबे, अमर और अतुल ने उनको वहीं आकर मार दिया था। इसके अलावा दो पुुलिसकर्मियों को चौखट पर मारा गया। रिकॉर्डिंग सुनीं, कब्जे में लीं वारदात के बाद मनु पांडेय की कई कॉल रिकॉर्डिंग वायरल हुई थीं।
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कानपुर एनकाउंटर में आठ पुलिसकर्मी शहीद
- फोटो : अमर उजासा
इसमें घटना के पहले और बाद की कॉल रिकॉर्डिंग शामिल हैं। इनसे खुलासा हुआ था कि किस तरह से हमले की तैयारी की गई, लोगों को जुटाया गया और फिर पुलिस पर हमला किया गया। यहां तक कि उनके फरार होने की भी जानकारी मिली थी। जांच समिति ने रिकॉर्डिंग को कब्जे में लिया है।
ये ब्यौरा भी लिया
वारदात में आठ पुलिसकर्मी शहीद हुए। इसके बद विकास समेत छह बदमाश मुठभेड़ में मारे गए। 17 बदमाश जेल भेजे जा चुके हैं। दस नामजद आरोपी अभी भी फरार हैं। इसका ब्यौरा जांच समिति ने कानपुर पुलिस से लिया है। इसके अलावा विकास का एनकाउंटर, कब, कहां, कैसे हुआ। इसकी भी जानकारी ली। फिलहाल अभी जांच समिति एनकाउंटर स्थल पर नहीं गई।