दहशतगर्द विकास दुबे के खात्मे के साथ ही तमाम राज भी दफन हो गए। वह जिंदा रहता तो प्रदेश और देश के कई बड़े नेता (अलग-अलग पार्टियों के), अफसर, कारोबारी और नामचीन हस्तियां बेनकाब होतीं। अपराधियों से इनके गठजोड़ की गांठें भी खुलतीं। इन्हीं लोगों की सरपरस्ती में विकास दुबे खूंखार अपराधी बना। हत्या, हत्या के प्रयास, लूट समेत सौ से अधिक केस उस पर हुए। जेल जाता रहा, बेल मिलती रही।