जय और उसके भाइयों के नाम विकास के गैंग में शामिल होने के बाद जय की पत्नी श्वेता परिजनों के साथ मंगलवार दोपहर डीआईजी कार्यालय पहुंची। अफसरों से कहा कि उनके घर वालों को गलत फंसाया गया है। विकास के गैंग से इन सभी का कभी कोई मतलब नहीं रहा।
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जय की पत्नी श्वेता
- फोटो : amar ujala
मामले की जांच दोबारा कराई जाए। डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने विकास के पंजीकृत गिरोह डी -124 में जय बाजपेई और उसके भाइयों अजयकांत, रजयकांत व शोभित का नाम शामिल किया है। इसकी जानकारी होने पर श्वेता, अपनी जेठानी ऊषा व प्रभा बाजपेई के साथ डीआईजी कार्यालय पहुंची।
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जय बाजपेई अपनी पत्नी के साथ
- फोटो : अमर उजाला
कार्यालय में मौजूद सीओ गोविंदनगर विशाल पांडेय से मुलाकात कर अपने पति और उनके भाइयों को बेकसूर बताया। कहा कि परिवार के लोग षडयंत्र के तहत फंसाए जा रहे हैं। उनके खिलाफ जो भी मुकदमे दर्ज थे, वे विकास से संबंधित नहीं थे।
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जय बाजपेई पत्नी के साथ
- फोटो : फेसबुक
सीओ ने श्वेता से कहा कि बिकरू कांड की जांच स्थानीय पुलिस के अलावा कई अन्य एजेंसियां (न्यायिक आयोग, एसआईटी, ईडी समेत अन्य जांच एजेंसियां) कर रही हैं। उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
जांच में दोषी पाए जाने पर हम सजा के लिए तैयार
श्वेता ने कहा कि जांच में विकास दुबे प्रकरण में हमारे घर के किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है, तो हम सजा भुगतने को तैयार हैं। उन्होंने क्षेत्र के एक अधिवक्ता पर आरोप लगाया है कि वर्चस्व और खुन्नस में बेवजह हमारे परिवार को परेशान कर रहे हैं। हमारे पास वे सारे साक्ष्य हैं, जिससे जय और उनके भाई बेकसूर साबित हो जाएंगे। सारे सुबूत वे कोर्ट में पेश करने के साथ ही जांच अधिकारी व मीडिया से साझा करेंगी।