बिकरू कांड में जेल में बंद चौबेपुर थाने के निलंबित दरोगा केके शर्मा की सोमवार को तीसरी जमानत याचिका भी विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित कोर्ट ने खारिज कर दी। पुलिस ने चार्जशीट में हत्यायुक्त डकैती व विस्फोटक अधिनियम की धाराएं बढ़ाईं थीं।
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कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
दो जुलाई को चौबेपुर थाने के बिकरू गांव में कुख्यात विकास दुबे ने साथियों के साथ मिलकर पुलिस पर गोलियां बरसा दीं थीं। इसमे सीओ समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। इस घटनाक्रम में चौबेपुर थाने के तत्कालीन एसओ विनय तिवारी व हल्का इंचार्ज केके शर्मा को विकास से मिलीभगत, दबिश की सूचना लीक करने सहित अन्य गंभीर धाराओं में जेल भेज दिया गया था।
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विकास दुबे एनकाउंटर
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केके शर्मा ने तीसरी जमानत अर्जी दाखिल की थी। इसकी सुनवाई स्पेशल जज डकैती रामकिशोर की अदालत में हुई जहां सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रशांत कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस की ओर से चार्जशीट मेें दरोगा केके शर्मा के विरुद्ध हत्यायुक्त डकैती व विस्फोटक अधिनियम की धारा बढ़ाई गई हैं।
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कानपुर एनकाउंटर
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इसी में जमानत मांगी गई थी। अदालत ने माना कि पूर्व में दो जमानतें खारिज की हो चुकी हैं। अपराध गंभीर प्रकृति का है। जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं है। इसी आधार पर तीसरी जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई।
सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि दरोगा केके शर्मा के वकील ने पहली जमानत डकैती की धारा में मांगी थी। दूसरी जमानत हत्या के मामले में मांगी थी जो खारिज हो गईं थीं।